झुंझुनूं: मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को अम्बेडकर पार्क में कांग्रेस समर्थित जनसमूह इकट्ठा हुआ जहां सांसद बृजेंद्र सिंह ओला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और मंडावा विधायक रीटा चौधरी, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला सहित कई नेताओं ने एक दिवसीय मौन उपवास रखते हुए केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में ग्रामीण मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रही और मंच से संदेश दिया गया कि मनरेगा केवल योजना नहीं, करोड़ों गरीबों का संवैधानिक अधिकार है।
अम्बेडकर पार्क में जमा हुए कांग्रेस नेता, उपवास से दर्ज किया विरोध
झुंझुनूं के अम्बेडकर पार्क में आयोजित इस बड़े विरोध कार्यक्रम में सांसद बृजेंद्र सिंह ओला के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष और मंडावा विधायक रीटा चौधरी, पिलानी विधायक पितराम सिंह काला, उदयपुरवाटी विधायक भगवाना राम सैनी और पूर्व मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने मंच साझा किया। इसी क्रम में झुंझुनूं विधानसभा प्रत्याशी अमित ओला और पूर्व प्रधान शेर सिंह नेहरा ने भी कहा कि मनरेगा गरीब-किसानों की रीढ़ है जिसे खत्म करने की कोशिश लोकतंत्र के खिलाफ है।
मनरेगा को खत्म करने की कथित नीति के विरोध में तेज हुआ अभियान
वक्ताओं ने मंच से कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार गारंटी योजना नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और ग्रामीण विकास की जीवनरेखा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ हरिसिंह सांखला, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष राजकुमार राठी, पिलानी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद काजला और चिड़ावा ब्लॉक अध्यक्ष संजय सैनी ने सरकार पर आरोप लगाया कि फंड रोककर, जॉब कार्ड रद्द कर, और नियमों को जटिल बनाकर मनरेगा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
गरीब-मजदूरों की आवाज: ग्रामीण भारत की गरिमा की रक्षा का संकल्प

विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिनके घरों में मजबूरी है, मनरेगा ही उनकी रोजी-रोटी है। जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि सत्यवीर धतरवाल, चेयरमैन प्रतिनिधि रोहिताश रणवा, पिलानी ब्लॉक के महामंत्री रणधीर गोठवाल, बख्तावरपुरा सरपंच अनिल कटेवा, पूर्व जिला परिषद सदस्य महावीर लांबा तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं कुलदीप और सुभाष भांबू के साथ प्रकाश गुर्जर अड़ूका ने मंच से संकल्प लिया कि मनरेगा खत्म नहीं होने दी जाएगी।
पुलिस ने सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित किया
अम्बेडकर पार्क में जुटी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्थाएं कीं। कार्यक्रम स्थल पर बिमला बुडानिया के नेतृत्व में महेश कुमार, अनिल कुमार, सोमवीर, राकेश कुमार, मोनू कुमार और धर्मवीर की तैनाती रही। पुलिस की सतर्कता के कारण पूरा विरोध शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की व्यवधान की स्थिति नहीं बनी।
जनता की आवाज—सरकार से मनरेगा बचाने की मांग
नेताओं का संदेश स्पष्ट था—अगर मनरेगा कमजोर हुई तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था ध्वस्त होगी और व्यवस्थागत गरीबी बढ़ेगी। आयोजन के अंत में सभी ने ‘मनरेगा बचाओ’ नारे के साथ यह स्पष्ट कर दिया कि संघर्ष जारी रहेगा।





