चिड़ावा: बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चिड़ावा में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26वां तीन दिवसीय बसंत महोत्सव भक्तिमय वातावरण में आयोजित होने जा रहा है। आयोजन 21 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगा। श्याम नवयुवक मित्र मंडल चिड़ावा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य स्थल महाकालेश्वर मंदिर, अडूकिया स्कूल के पास, चिड़ावा तय किया गया है।
551 निशानों की पूजा से होगा शुभारंभ — भजन संध्या में उमड़ेगा भक्ति भाव
21 जनवरी, महोत्सव की शुरुआत का दिन होगा, सुबह से ही भक्तिमय रस बरसने लगेगा।
पहले दिन 551 निशानों की पूजा की जाएगी, जिसका समय सुबह 11:15 बजे तय किया गया है। शाम होते ही माहौल और रंगीन होगा, जब भव्य भजन संध्या और नृत्य नाटिका का आयोजन होगा।
जयपुर की सोनीया शर्मा और दिल्ली के कुमार प्रविण मंच पर भजन प्रस्तुति करेंगे और भक्तों को भक्ति रस में डुबो देंगे। आयोजन समिति का मानना है कि भक्ति, संगीत और नृत्य का यह मेल चिड़ावा व आसपास के लोगों को यादगार अनुभव देगा।
महिला शक्ति का उत्साह — श्याम पाठ और शोभायात्रा सोमवार को
दूसरे दिन 22 जनवरी को दोपहर में भक्तिमय आयोजन का केंद्र महिला मित्र मंडल होगा, जब दोपहर 12:15 बजे महिलाएं श्रद्धापूर्वक श्याम पाठ करेंगी। इस दौरान भक्तों की भव्य शोभायात्रा भी निकलेगी, जिसमें स्थानीय युवाओं का उत्साह देखने को मिलेगा। साउंड संचालन का दायित्व शुभम साउंड और आजाद म्यूज़िकल ग्रुप संभालेंगे, जिससे कार्यक्रम तकनीकी और संगीत दोनों रूप से सुचारू रहेंगे।
49वीं वर्षगांठ — स्थापना दिवस पर विशाल जागरण की तैयारी
यही दिन रात को अपनी चरम भव्यता में पहुंचेगा।
श्याम प्रभु की प्रतिमा स्थापना के 49वें वर्ष पर विशेष आयोजन रात को होगा। शाम 7:15 बजे से भक्तों की भीड़ विशाल जागरण व बसंत उत्सव में शामिल होगी।

कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक कुमार गौरव पारिक अपनी प्रस्तुति देंगे। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में विशेष भोग के रूप में कोलकाता के फलों से तैयार प्रसादी वितरित की जाएगी, जिसका भक्तों को बेसब्री से इंतजार है।
समापन दिवस पर प्रसाद, भजन और सत्संग की पवित्र बेला
23 जनवरी को महोत्सव अंतिम चरण में होगा, जहां सुबह से लेकर दोपहर तक भजनों, सत्संग और प्रसाद वितरण की श्रृंखला जारी रहेगी।
समिति सदस्यों के अनुसार महोत्सव का हर पल भक्तों के दिलों में स्थायी स्मृति की तरह बसने वाला है।

घर-घर जाकर आह्वान — चिड़ावा में हर परिवार तक पहुंचा न्योता
मंडल के पदाधिकारी पूरे क्षेत्र में पहुंचकर भक्तों को घर-घर निमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित कर रहे हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि यह आयोजन सिर्फ एक भक्ति कार्यक्रम नहीं, बल्कि चिड़ावा की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। लोगों से सपरिवार आने, शामिल होने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है।





