चिड़ावा: कुछ दिनों पहले कस्बे में जमीन पर कब्जा करने की नीयत से की गई सुनियोजित हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया था। रात के अंधेरे में जेसीबी, ट्रैक्टर और कैंपर वाहनों के साथ पहुंचे सैकड़ों लोगों ने एक परिवार के मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था। इस गंभीर आपराधिक घटना में पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है।
रात के अंधेरे में जेसीबी से मचाया था तांडव
दिनांक 13 और 14 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात करीब दो बजे चिड़ावा क्षेत्र में स्थित मदर लैंड स्कूल के सामने बनी आवासीय कॉलोनी में अचानक भारी वाहनों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई। परिवादी मुलचन्द माली, जो मूल रूप से निजामपुरा तन औजटू के निवासी हैं और वर्तमान में चिड़ावा में परिवार सहित रह रहे थे, ने बताया कि तीन जेसीबी, चार ट्रैक्टर और कई कैंपर गाड़ियों में सवार करीब सौ से अधिक लोग उनके मकान पर आ धमके।
हथियारों के बल पर मकान खाली कराने की धमकी
मुलचन्द माली के अनुसार, वाहन से उतरे लोगों ने खुलेआम धमकी दी कि यदि मकान खाली नहीं किया गया तो जान से मार दिया जाएगा। इन लोगों के पास देशी पिस्टल, कट्टे, कुल्हाड़ी, बरछी और लोहे की रॉड मौजूद थीं। इसके बाद जेसीबी चालकों को निर्देश देकर मकानों की बाड़ तोड़ी गई और मशीनों को सीधे घर के अंदर घुसा दिया गया।
चार मकान जमींदोज, नकदी और गहनों की लूट
हमलावरों ने जेसीबी से चार कमरों, लेट-बाथरूम सहित पूरे मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। तोड़फोड़ के बाद आरोपियों ने घर में रखी पानी की मोटर, टीन शेड, पेटी से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और परिवादी की पत्नी के गहने समेत अन्य कीमती सामान भी चुरा लिया। जाते समय घर में मौजूद सभी वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया गया।
जमीन कब्जा साजिश में कई नाम सामने आए
परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस पूरी साजिश में पिलानी निवासी मोहन लाल स्वामी, सेजा की ढाणी अजाड़ी कलां निवासी सुनील कुमार, और दोरादास निवासी राजकुमार महला की भूमिका सामने आई है, जिन्होंने अवैध कब्जा करने, जान से मारने की कोशिश और लूटपाट की साजिश रची।
पुलिस की कार्रवाई, भारी मशीनरी जब्त
घटना की सूचना मिलते ही चिड़ावा पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस कार्रवाई में अब तक विजय बंजारा, अजय, पुनाराम, विनोद, ओमप्रकाश उर्फ अंगुर, श्रवण, श्याम उर्फ सोमी, जगमोहन और अंकित भालोठिया को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जेसीबी मशीन, एक ट्रैक्टर लोडर, ट्रैक्टर ट्रॉली, चालीस पिलर, तीन बंडल कंटीले तार, एक बंडल सादा तार और एक स्विफ्ट कार जब्त की है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फरार आरोपियों पर इनाम, पुलिस की सख्ती जारी
प्रकरण में फरार चल रहे सुरेन्द्र गिडानिया पर पांच हजार रुपये, अरडावता निवासी प्यारेलाल पर पंद्रह हजार रुपये और घरडाना कलां निवासी जयवीर पर बीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जयवीर सिंघाना थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस के अनुसार, प्यारेलाल के खिलाफ पहले से दस और जयवीर के खिलाफ बाईस आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
संगठित अपराध की ओर इशारा करता मामला
चिड़ावा जमीन कब्जा मामला सिर्फ एक तोड़फोड़ की घटना नहीं बल्कि संगठित आपराधिक गिरोह द्वारा रची गई सुनियोजित हिंसा का उदाहरण है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।





