चिड़ावा: न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में बढ़ते मुकदमों के दबाव को देखते हुए अभिभाषक संघ चिड़ावा ने अतिरिक्त एडीजे कोर्ट खोलने की मांग को औपचारिक रूप से उठाया है। अभिभाषक संघ नवलगढ़ के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान चिड़ावा बार कार्यकारिणी ने राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच के न्यायाधीशों को ज्ञापन सौंपते हुए चिड़ावा में अतिरिक्त एडीजे कोर्ट की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। यह कदम झुंझुनूं जिले की न्यायिक व्यवस्था और आमजन को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाईकोर्ट न्यायाधीशों के समक्ष रखी गई मांग
नवलगढ़ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच से जुड़े झुंझुनूं के संरक्षक जज अनिल उपमन तथा हाईकोर्ट जयपुर के न्यायाधीश रवि चिरानिया को चिड़ावा बार की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि चिड़ावा क्षेत्र में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आम वादकारियों को सुनवाई में विलंब का सामना करना पड़ रहा है।
अभिभाषक संघ चिड़ावा के अध्यक्ष विजय गुरावा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने न्यायिक ढांचे के विस्तार की आवश्यकता को विस्तार से रखा और दोनों न्यायाधीशों से चिड़ावा कोर्ट का दौरा करने का आग्रह भी किया।
समारोह के दौरान चिड़ावा बार की ओर से यह भी कहा गया कि अतिरिक्त एडीजे कोर्ट खुलने से दीवानी और फौजदारी मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव होगा। इससे न केवल न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि झुंझुनूं जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के वादकारियों को राहत मिलेगी।
इस अवसर पर सह सचिव निहाल सिंह महरिया और कोषाध्यक्ष रामनिवास भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों को चिड़ावा में विशेष कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करते हुए न्यायिक अवसंरचना के विस्तार पर सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई।
विधि विशेषज्ञों का मानना है कि चिड़ावा में अतिरिक्त एडीजे कोर्ट की स्थापना से लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा। वर्तमान में बढ़ते केस लोड के कारण सुनवाई की तिथियों में अंतराल बढ़ता जा रहा है, जिससे आमजन में असंतोष की स्थिति बनती है।





