झुंझुनू— देवसेना के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलेक्टर रामावतार मीणा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गुर्जर समाज से जुड़ी विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की गई।
प्रदेश सचिव धर्मपाल गुर्जर के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में गुर्जर समाज के 5% आरक्षण को नई अनुसूची में शामिल करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इसके साथ ही भारतीय सेना में गुर्जर रेजिमेंट की स्थापना, गुरुकुल योजना में 1500 से अधिक सीटों की वृद्धि, देवनारायण योजना का वार्षिक बजट 1000 करोड़ रुपये से अधिक करने, और एमबीसी प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने की अपील भी की गई।
ज्ञापन में झुंझुनू में स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला का स्मारक बनाए जाने और गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा, डंपर चालक बनवारी लाल गुर्जर पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
डंपर चालक पर हमले का मामला उठा
धर्मपाल गुर्जर ने बताया कि 5 जनवरी को कुछ बदमाशों ने डंपर चालक बनवारी लाल पर हमला कर उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, जिससे वे गंभीर हालत में अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। देवसेना ने सरकार से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पदाधिकारी
इस मौके पर धर्मपाल गुर्जर के साथ राजेश खटाना, सुमेर धाबाई, और अन्य सदस्य मौजूद रहे। देवसेना ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से गुर्जर समाज की इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है।
गुर्जर समाज की प्रमुख मांगें
- गुर्जर समाज के 5% आरक्षण को नई अनुसूची में शामिल करना।
- भारतीय सेना में गुर्जर रेजिमेंट की स्थापना।
- गुरुकुल योजना में 1500 से अधिक सीटें बढ़ाना।
- देवनारायण योजना का वार्षिक बजट 1000 करोड़ रुपये से अधिक करना।
- एमबीसी प्रमाण पत्र जल्द जारी करना।
- झुंझुनू में कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला का स्मारक बनाना।
- आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना।
देवसेना के ज्ञापन में इन मांगों के माध्यम से गुर्जर समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से तत्परता से कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है।





