खेतड़ी: थाना क्षेत्र में एक साधु की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे नाथ संप्रदाय और स्थानीय क्षेत्र में हलचल मच गई है। खेतड़ी थाना क्षेत्र के पपुरना गांव स्थित पहाड़ी आश्रम में रह रहे साधु फतेहनाथ ने सुसाइड से पहले वीडियो बनाया और आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में पारिवारिक विवाद, आश्रम में उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की विस्तार से जानकारी दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पपुरना आश्रम में मिला साधु का शव, ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना
सोमवार रात करीब आठ बजे पपुरना गांव के कुछ ग्रामीण जब आश्रम के बाहर से गुजर रहे थे, तो उन्हें कमरे का दरवाजा खुला दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर साधु फतेहनाथ फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही खेतड़ी थानाधिकारी मोहनलाल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर राजकीय उप जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया।
सुसाइड वीडियो और नोट में सामने आई दर्दनाक जीवन कहानी
सुसाइड नोट और वीडियो में फतेहनाथ ने बताया कि उनका बचपन का नाम फतेहचंद था। जब वह केवल छह महीने के थे, तभी उनके पिता गिरधारी लाल का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी बड़ी बुआ उन्हें कंचनपुर ले गईं। सुसाइड नोट के अनुसार, इस दौरान बड़ी बुआ का बेटा लक्ष्मण उन्हें लगातार परेशान करता था, उन्हें बर्बाद करने की धमकी देता था और पैतृक जमीन व गहनों को लेकर प्रताड़ित किया जाता था।
बगड़ योग आश्रम में दीक्षा के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
फतेहनाथ ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह 29 अप्रैल 2012 को बगड़ स्थित चंद्रनाथ के योग आश्रम पहुंचे थे और 31 मार्च 2013 को उन्हें भगवा वेष धारण करवाया गया। आश्रम में रहते हुए विक्रमनाथ द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई। उन्होंने जब इस संबंध में गुरु चंद्रनाथ से शिकायत की, तो उन्हें समझाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन हालात नहीं बदले।
“तुम चढ़ाए हुए नहीं हो” कहकर किया गया अपमान
सुसाइड नोट में उल्लेख है कि विक्रमनाथ उन्हें यह कहकर अपमानित करता था कि वे चढ़ाए हुए नहीं हैं, इसलिए उन्हें आश्रम में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर फतेहनाथ आश्रम से बाहर रहने लगे। बाद में गुरु के कहने पर वह लौटे, लेकिन प्रताड़ना दोबारा शुरू हो गई।
2021 में पपुरना आश्रम में अलग रहने लगे थे फतेहनाथ
लगातार उत्पीड़न के चलते फतेहनाथ ने वर्ष 2021 में पपुरना की पहाड़ी पर स्थित आश्रम में धूणा लगाकर अलग रहना शुरू कर दिया। सुसाइड नोट में यह भी बताया गया है कि 2022 में जब वह बगड़ आश्रम में गुरु से मिलने गए, तब विक्रमनाथ और अन्य लोगों ने भोजन के दौरान उनके साथ मारपीट की थी।
सात लोगों को ठहराया मौत का जिम्मेदार
सुसाइड नोट में फतेहनाथ ने साफ तौर पर लिखा है कि उनकी मौत के लिए लक्ष्मण राम कंचनपुर, मीरा देवी चौकड़ी, अमृता देवी गुरारा, सुरेश नांगल नाथुसर, विक्रमनाथ योग आश्रम बगड़, भानीनाथ योग आश्रम बगड़ और साध्वी ओमनाथ जिम्मेदार हैं। उन्होंने लिखा कि बगड़ आश्रम में कई अन्य लोगों के साथ भी अन्याय हुआ है और इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार और नाथ संप्रदाय के महंत से मांगा न्याय
फतेहनाथ ने अपने सुसाइड नोट में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नाथ संप्रदाय के महंत योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके हिस्से की जमीन सीताराम गौशाला कुआं रींगस के नाम की जाए और घर की जमीन पर शिवालय का निर्माण कराया जाए। साथ ही उन्होंने अपनी बहन अमृता देवी को अपनी हिस्सेदारी की जमीन नहीं देने की भी बात लिखी है।
पुलिस जांच में जुटी, वीडियो और नोट जब्त
पुलिस ने सुसाइड नोट और वीडियो को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।





