उदयपुरवाटी: में गुढ़ागौड़जी को वापस उदयपुरवाटी में जोड़ने की मांग को लेकर वकीलों की भूख हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी जारी है। कोर्ट परिसर में चल रहे इस आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे कई अधिवक्ताओं की तबीयत बिगड़ने लगी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस वार्ता या निर्णय सामने नहीं आया है। इससे वकीलों में रोष बढ़ता जा रहा है और आंदोलन और अधिक मजबूत रूप लेता जा रहा है।
उदयपुरवाटी में चल रही इस भूख हड़ताल को पांच दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक वकीलों की प्रमुख मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ है। गुढ़ागौड़जी को वापस उदयपुरवाटी न्यायिक क्षेत्र में जोड़ने की मांग को लेकर अधिवक्ता अड़े हुए हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा।
लगातार भूख हड़ताल के कारण कई अधिवक्ताओं की तबीयत बिगड़ने लगी है। इसके बावजूद आंदोलनकारी वकीलों का कहना है कि प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही संवाद की पहल की गई।
पूरा आंदोलन उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में केंद्रित है, जहां अधिवक्ता दिन-रात डटे हुए हैं। न्यायिक कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वकीलों का कहना है कि यह संघर्ष मजबूरी में किया जा रहा है।
उदयपुरवाटी के वकीलों के समर्थन में जिले और प्रदेश के अन्य बार संघ भी सामने आए हैं। विभिन्न बार संघों ने आंदोलन को जायज बताते हुए गुढ़ागौड़जी को उदयपुरवाटी में जोड़ने की मांग का समर्थन किया है, जिससे आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है।
अब तक प्रशासन और वकीलों के बीच कोई औपचारिक वार्ता नहीं हो पाई है। इसी को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। वकीलों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक गुढ़ागौड़जी को वापस उदयपुरवाटी में नहीं जोड़ा जाता, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।





