इराक, 9 अगस्त 2024: इराक की संसद में एक नया बिल पेश किया गया है, जो यदि पारित हो जाता है तो 9 साल की बच्चियों की शादी को वैध मान लिया जाएगा। इस बिल के खिलाफ इराक में महिलाएं और कई मानवाधिकार संगठन व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पर्सनल स्टेटस लॉ 1959 में प्रस्तावित बदलाव
समाचार पत्र मिडिल ईस्ट आई के अनुसार, इस बिल में पर्सनल स्टेटस लॉ 1959 के 188 नियम में बदलाव की बात की जा रही है। यह कानून अब्दुल करीम कासिम के शासनकाल के दौरान बनाया गया था, जिसमें लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल निर्धारित की गई थी। इस कानून को एक प्रगतिशील कदम माना गया था, लेकिन प्रस्तावित बदलाव से यह कानून अब 9 साल की लड़कियों की शादी को भी मान्यता दे सकता है।
इराक में लड़कियों की स्थिति
यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, इराक में 28 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है। यदि यह नया बिल पारित हो जाता है, तो 9 साल की आयु की लड़कियां 15 साल के लड़कों से शादी कर सकेंगी। इस संभावित बदलाव से लड़कियों की शिक्षा और स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
मानवाधिकार संगठनों की चिंता
ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) की शोधकर्ता सारा सनबार ने इस बिल के पारित होने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “इस कानून के पारित होने से देश का विकास पीछे की ओर चला जाएगा।” कई मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि इस बिल के पारित होने से लड़कियों की शिक्षा और आजादी पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।
समाजिक प्रतिक्रिया और विरोध
इस बिल के प्रस्तावित होने के बाद से इराक में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। महिलाएं और मानवाधिकार कार्यकर्ता इस बिल की निंदा कर रहे हैं और इसे लड़कियों के अधिकारों के खिलाफ एक बड़ा कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस कानून का पारित होना न केवल लड़कियों की शिक्षा को प्रभावित करेगा, बल्कि उनकी स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव डालेगा।








