अहमदाबाद, गुजरात: पूरे देश को झकझोर देने वाली एक बड़ी विमान दुर्घटना में एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद के निकट शुक्रवार तड़के दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 231 यात्री और 11 क्रू मेंबर्स शामिल थे। इस भयंकर हादसे में 241 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि केवल एक यात्री की जान बच पाई है।

लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था विमान
जानकारी के अनुसार, यह विमान अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान से पहले इसमें 1.25 लाख लीटर से अधिक ज्वलनशील एविएशन फ्यूल भरा गया था, क्योंकि यह एक नॉन-स्टॉप इंटरनेशनल फ्लाइट थी। टेक-ऑफ के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारणवश विमान ने आग पकड़ ली और शहर के बाहरी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे की तीव्रता इतनी अधिक कि कोई बचाव नहीं हो पाया
गृह मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से विस्तार से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद शाह ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचकर वहां उपचाराधीन घायल यात्री से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
शाह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,
“विमान के भीतर इतनी भारी मात्रा में ईंधन भरा था कि टकराते ही आग का ऐसा गोला बना, जिससे तुरंत तापमान बहुत अधिक बढ़ गया और किसी के पास बचने का मौका नहीं था। यदि ईंधन की मात्रा कम होती, तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।”
केवल एक यात्री की बची जान, भाई की तलाश में बेहाल
इस हादसे से चमत्कारिक रूप से एकमात्र जीवित बचने वाला यात्री एक ब्रिटिश-भारतीय नागरिक है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपने भाई के साथ यात्रा कर रहा था। विमान के जलने और क्रैश के दौरान वह किसी तरह बाहर निकल सका और अब वह अपने लापता भाई की तलाश में अस्पताल और प्रशासन के बीच चक्कर काट रहा है।

हादसे के कारणों की जांच शुरू, DGCA और AAIB की टीम सक्रिय
हालांकि अभी तक हादसे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तकनीकी खराबी, फ्यूल लीकेज या बर्ड हिट जैसी संभावनाएं जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्रभर में शोक, पीएम और राष्ट्रपति ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
एअर इंडिया ने भी अपने स्तर पर विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और पीड़ितों की पहचान तथा पार्थिव शरीरों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच शुरू कर दी है।




