झुंझुनूं: भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुशासन के मूल सिद्धांतों को आत्मसात करने की शपथ ली।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी का जीवन सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है, जिसे वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में लागू करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन की शपथ दिलाते हुए प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मानदंड स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने शासन को अधिक पारदर्शी, सहभागी और जनकल्याण केन्द्रित बनाने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लक्ष्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सुशासन शपथ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुना। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिए गए संबोधन में सुशासन की अवधारणा, प्रशासनिक जवाबदेही और आमजन तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच पर विशेष बल दिया गया, जिसे सभी अधिकारियों ने गंभीरता से सुना।
सुशासन दिवस कार्यक्रम में एडीएम अजय कुमार आर्य, एडिशनल एसपी देवेंद्र सिंह, विद्युत विभाग के अभियंता महेश टीबड़ा, प्रशासनिक सुधार विभाग की सहायक निदेशक सृष्टि, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला, जिला खेल अधिकारी राजेश ओला, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र लंबा, निजी सचिव राम सिंह पूनिया, एपीआरओ विकास चाहर और तहसीलदार भू-अभिलेख राकेश पूनिया सहित बड़ी संख्या में जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सुशासन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के प्रति प्रशासनिक उत्तरदायित्व का मूल आधार है। अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा को स्मरण करते हुए प्रशासन ने यह संकल्प दोहराया कि शासन व्यवस्था को सरल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।





