झुंझुनूं: रविवार को आयोजित जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने समाज को कुरीतियों से मुक्त करने, संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण और बालिका शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कुम्हार कर्मचारी एवं समाज सेवा समिति झुंझुनूं के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन और प्रतिभावान विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता राज्य मंत्री एवं माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रॉय टाक ने की। समारोह में मदन प्रजापत, महेंद्र चंदवा, एडवोकेट सुरेन्द्र लाम्बा, समाजसेवी कुरडाराम नानवाल और वित्त विभाग के संयुक्त सचिव रणवीर सिंह की विशिष्ट उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान समाज के मेधावी विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोराराम कुमावत ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है कि कुरीतियों का त्याग कर संस्कारवान और शिक्षित समाज का निर्माण किया जाए। उन्होंने शासन और प्रशासन में सर्व समाज की सक्रिय भागीदारी को समय की आवश्यकता बताया और बालिकाओं की शिक्षा को सामाजिक उत्थान की कुंजी बताया।
इसके साथ ही उन्होंने देवस्थान विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए समाज के अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।

राज्य मंत्री प्रहलाद रॉय टाक ने अपने संबोधन में प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया की रील संस्कृति से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन में उपलब्धि हासिल करने पर जोर दिया और कहा कि समाज को ऐसे ही सकारात्मक रोल मॉडल्स की आवश्यकता है।
समारोह में महेंद्र चंदवा और हरिराम दादरवाल ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कुम्हार कर्मचारी एवं समाज सेवा समिति द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा की और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
वहीं मदन प्रजापत, सुरेन्द्र लाम्बा, कुरडाराम नानवाल, रणवीर सिंह, राधेश्याम काम्या और विनोद कुमावत ने अपने विचार रखते हुए सामाजिक एकता, भाईचारे और शासन-प्रशासन में समाज की सक्रिय भूमिका को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
यह जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह न केवल प्रतिभाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संस्कार और सामूहिक सहभागिता के महत्व को भी मजबूती से रेखांकित करता नजर आया।





