चिड़ावा: यूजीसी की नई गाइडलाइंस, उच्च शिक्षा सुधार और शैक्षणिक स्वतंत्रता को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच चिड़ावा में 16 फरवरी को विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
यूजीसी गाइडलाइंस विवाद के तहत सवर्ण समाज के लोग नरेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में उपखंड कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। आयोजकों का कहना है कि नई उच्च शिक्षा नीति से जुड़े प्रावधानों ने विश्वविद्यालय स्वायत्तता, प्राकृतिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित किया है, जिसे लेकर व्यापक असंतोष देखा जा रहा है।
कबूतर खाना पार्क से निकलेगी रैली, प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
आयोजकों के अनुसार 16 फरवरी की सुबह सवर्ण समाज के लोग कबूतर खाना स्थित पार्क में एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के रूप में उपखंड कार्यालय तक मार्च किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यूजीसी नई शिक्षा नीति गाइडलाइंस, विश्वविद्यालय स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और शिकायत निवारण प्रणाली में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
नरेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने समाज के लोगों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है, ताकि उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
उच्च शिक्षा व्यवस्था में असंतोष का मुद्दा बना केंद्र
आयोजकों का दावा है कि नई गाइडलाइंस से उच्च शिक्षा संस्थानों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। ज्ञापन में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों और निष्पक्ष शिकायत निवारण प्रक्रिया की मांग को दोहराया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी सुधार को व्यापक चर्चा और सहमति के बाद लागू किया जाना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाने की संभावना जताई जा रही है।





