पिलानी: कस्बे में बस स्टैंड के समीप राष्ट्रीय जाट महासंघ के तत्वावधान में महान योद्धा एवं कुशल प्रशासक महाराजा सूरजमल की जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही, जहां वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के जीवन, संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी शासन प्रणाली पर विस्तार से विचार रखे। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ते हुए सामाजिक एकता और संगठन की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय जाट महासंघ के बैनर तले किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला सलाहकार राजेन्द्र बांगड़वा ने की। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल का जीवन साहस, नीति और सामाजिक न्याय का प्रतीक है, जिससे आज भी समाज को दिशा मिलती है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र पूनियां, प्रभारी अत्तर सिंह काजला और समाजसेवी राजेन्द्र सिहाग ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महाराजा सूरजमल ने विपरीत परिस्थितियों में भी कुशल रणनीति, साहस और नेतृत्व से शासन किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने केवल युद्ध कौशल ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और सामाजिक संतुलन से भी इतिहास में विशिष्ट स्थान बनाया।
सभा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में चंद्रभान बांगड़वा, हरपाल पूनियां, दुलिचंद लमोरिया, जयभगवान सांगवान, वेदप्रकाश, सुरेश डांगी, मुकेश रायला और करणसिंह पूनियां सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता निभाई। उपस्थित वक्ताओं और अतिथियों ने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संगठन और आपसी भाईचारे को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। आयोजन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ, जिससे सामाजिक चेतना और ऐतिहासिक गौरव का संदेश प्रसारित हुआ।





