चिड़ावा: शहर के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है जब शहर के चौधरी कॉलोनी निवासी युवा चिकित्सक डॉ. मोनदीप धनखड़ ने प्रतिष्ठित पीजीआई चंडीगढ़ से एडिक्शन साइकियाट्री में डीएम (सुपर स्पेशियलिटी) की डिग्री सफलतापूर्वक पूर्ण की है। नशे की बढ़ती लत और तनावपूर्ण जीवनशैली के दौर में डॉ. धनखड़ की यह उपलब्धि चिड़ावा सहित आसपास के क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
डॉ. मोनदीप धनखड़ ने जयपुर से एमबीबीएस और दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद पंजाब स्थित देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान पीजीआई चंडीगढ़ से एडिक्शन साइकियाट्री में डीएम की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने नशे से जुड़ी जटिल मानसिक बीमारियों के उपचार, आधुनिक दवाओं की जटिलताओं और गंभीर रोगियों के मैनेजमेंट में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
डीएम प्रशिक्षण के दौरान डॉ. धनखड़ ने मानसिक रोगों और नशे की लत के इलाज में उपयोग होने वाली न्यूरोमॉड्यूलेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का गहन अध्ययन किया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंसों में भाग लेकर शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिससे उनके अकादमिक और क्लीनिकल अनुभव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. मोनदीप धनखड़ की यह सुपर स्पेशलिस्ट डिग्री चिड़ावा और आसपास के क्षेत्रों में नशे की बढ़ती समस्या और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मौजूदा समय में युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही है, ऐसे में एडिक्शन साइकियाट्री विशेषज्ञ की उपलब्धता समाज के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
डॉ. मोनदीप धनखड़, नवीन मार्बल्स और नवीन बिल्डमार्ट प्रा. ली के डायरेक्टर तथा हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल्स एसोसिएशन चिड़ावा के अध्यक्ष महेंद्र धनखड़ के पुत्र हैं। डीएम की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद उनका दिल्ली में अभ्यास करने का विचार है। उनकी इस उपलब्धि पर दादा रामजीलाल धनखड़, परिवारजनों, रिश्तेदारों और मित्रों में खुशी का माहौल है।
डॉ. धनखड़ की सफलता न केवल चिकित्सा क्षेत्र में बल्कि चिड़ावा के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।





