मंड्रेला: कस्बे से झुंझुनूं जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी नियुक्ति सामने आई है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता ईशान मिश्रा को झुंझुनूं जिले के लिए एडिशनल स्टैंडिंग गवर्नमेंट काउंसिल नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति से जिला न्यायालय झुंझुनूं सहित सभी अधीनस्थ न्यायालयों में केंद्र सरकार से जुड़े मामलों की पैरवी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा 6 फरवरी को जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता ईशान मिश्रा को झुंझुनूं जिले के लिए एडिशनल स्टैंडिंग गवर्नमेंट काउंसिल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति आगामी तीन वर्षों की अवधि के लिए की गई है, जिसके तहत वे भारत सरकार की ओर से जिला न्यायालय झुंझुनूं और जिले की सभी अधीनस्थ अदालतों में पैरवी करेंगे, जबकि टैक्स मामलों को इस दायित्व से बाहर रखा गया है।
इस नई जिम्मेदारी के अंतर्गत ईशान मिश्रा अब केंद्र सरकार से जुड़े विविध कानूनी मामलों में प्रभावी, सशक्त और विधिसम्मत पैरवी करेंगे। कानूनी जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से झुंझुनूं जिले में केंद्र सरकार के मामलों में बेहतर समन्वय, मजबूत प्रस्तुतीकरण और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जिससे प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिवक्ता ईशान मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके लिए वे विधि एवं न्याय मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप भारत सरकार के हितों की रक्षा हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रभावी पैरवी को अपनी प्राथमिकता बनाए रखेंगे।
ईशान मिश्रा की एडिशनल स्टैंडिंग गवर्नमेंट काउंसिल के रूप में नियुक्ति की खबर सामने आते ही जिले के अधिवक्ताओं, कानूनी विशेषज्ञों और उनके शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल देखने को मिला। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस नियुक्ति को झुंझुनूं जिले के लिए सकारात्मक कदम बताते हुए उनके सफल और उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की है।





