खेतड़ी: थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन ऑपरेशनों के दौरान कुल 11 ऊंटों को क्रूरता से ले जाते हुए मुक्त कराया गया, जबकि 2 वाहन जब्त किए गए और 2 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई गौवंश संरक्षण, पशु क्रूरता रोकथाम, और अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
दिनांक 28 जनवरी 2026 को गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर माता शिलाटी मंदिर के पास हरियाणा नंबर की पिकअप HR 47 E 3012 को रोका गया। वाहन में 3 मादा ऊंटों को पैर और मुंह बांधकर अमानवीय हालत में बैठाया गया था, जिससे वे गंभीर पीड़ा में थीं। उंटों के शरीर पर कई जगह रगड़ के घाव, चोटें और कमजोरी के निशान पाए गए, जबकि एक मादा उंट बेहोशी की हालत में थी।
जांच में सामने आया कि मुबारिक पुत्र रहमतुल्ला खां, निवासी सलम्बा, जिला नूंह (मेवात, हरियाणा), इन उंटों को वध के लिए बुचड़खाने ले जा रहा था। पुलिस ने वाहन समेत उंटों को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया और पशु क्रूरता व अवैध तस्करी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अगले दिन 29 जनवरी 2026 को ढाणी भरगढान स्थित रॉयल्टी नाके पर मिली सूचना के आधार पर टाटा 712 वाहन HR 74 B 7344 को रोका गया। वाहन में 8 उंटों को बेरहमी से बांधकर ठूंस दिया गया था, जिनमें 6 मादा और 2 नर उंट शामिल थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शाहरूख पुत्र अख्तर, निवासी शिव कॉलोनी, फिरोजपुर झिरका (हरियाणा), इन उंटों को भी मेवात के बुचड़खाने ले जाने की तैयारी में था। पुलिस ने सभी उंटों को मुक्त कर वाहन जब्त किया और आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
इन दोनों अभियानों को राकेश कुमार, राजेश कुमार, योगेश, और चन्द्रपाल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। टीम की तत्परता और सतर्कता के चलते 11 उंटों की जान बचाई जा सकी, जिससे क्षेत्र में पशु संरक्षण अभियान को मजबूती मिली है।
पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में हरियाणा-राजस्थान सीमा से जुड़े तस्करी नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसे लेकर आगे की कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





