चिड़ावा: शहर के वार्ड 15 में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। डालमिया खेलकूद मैदान के पास बना सरकारी बोरिंग पिछले आठ महीनों से बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्र के 40 से अधिक परिवारों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जलदाय विभाग की लापरवाही और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बढ़ते खर्च और अनिश्चित जल आपूर्ति से वार्डवासी बेहद परेशान हैं, वहीं नगर प्रशासन से समाधान की मांग तेज होती जा रही है।
वार्ड 15 में स्थित डालमिया मैदान के पास बना बोरिंग करीब आठ महीने पहले खराब हो गया था। जलदाय विभाग द्वारा इसे नाकारा घोषित किए जाने के बाद से इस बोरिंग से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय के बावजूद न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही इसके स्थान पर नया बोरिंग बनाया गया। समय बीतने के साथ समस्या और गंभीर होती चली गई, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बोरिंग बंद होने के बाद वार्ड 15 के करीब 40 से अधिक परिवारों के सामने पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासी रौनक हलवान का कहना है कि मजबूरी में लोगों को निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिससे हर महीने अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। नियमित पेयजल आपूर्ति न होने के कारण घरेलू जरूरतों के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना नगर प्रशासन और जलदाय विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन वार्ड 15 की अनदेखी की जा रही है। लंबे समय से वैकल्पिक व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नया बोरिंग बनवाकर स्थायी समाधान किया जाए, ताकि उन्हें टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े।
वार्डवासियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही नए बोरिंग का निर्माण कर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए संघर्ष करना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता ने उन्हें इस स्थिति में ला खड़ा किया है।





