नई दिल्ली: बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने पहले ही दिन ऐसे रणनीतिक फैसले लिए, जिन्होंने पार्टी के अंदरूनी समीकरण और आने वाले विधानसभा व नगर निगम चुनावों की दिशा तय कर दी। केरल से लेकर बेंगलुरु और तेलंगाना तक, चुनाव प्रभारी नियुक्तियों के जरिए नबीन ने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता संगठन को चुनावी मोड में तुरंत लाना है।
पहले दिन ही चुनावी मोड में आए नितिन नबीन
बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी संभालते ही नितिन नबीन ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया। उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव और कई बड़े नगर निगम चुनावों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त कर यह संकेत दे दिया कि वे संगठन को पूरी तरह एक्शन मोड में ले जाना चाहते हैं। राजनीतिक हलकों में इन नियुक्तियों को नबीन की संभावित टीम और भविष्य की रणनीति की पहली झलक माना जा रहा है।
राम माधव की वापसी से मिला RSS का संकेत
ग्रेटर बेंगलुरु निगम चुनाव की कमान राम माधव को सौंपना नितिन नबीन का दूसरा बड़ा फैसला माना जा रहा है। अमित शाह के दौर में राष्ट्रीय महासचिव रहे राम माधव पहले जम्मू-कश्मीर के प्रभारी भी रह चुके हैं। 2020 में संगठन से बाहर होने के बाद 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी हुई थी। अब उन्हें फिर से बड़ी जिम्मेदारी मिलना RSS की सहमति और संगठन में उनकी बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है।
केरल चुनाव में विनोद तावड़े की एंट्री, बढ़ी भूमिका के संकेत

नितिन नबीन ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी बनाया है। साथ ही उन्हें चंडीगढ़ मेयर चुनाव का पर्यवेक्षक और बिहार का प्रभारी भी रखा गया है। एनडीए की बिहार में मिली बड़ी जीत के बाद तावड़े की जिम्मेदारी बढ़ना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी संगठन में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है। केरल में उनके साथ शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी बनाया गया है।
सतीश पूनिया को मिला मौका

राम माधव के साथ ग्रेटर बेंगलुरु निगम चुनाव में सतीश पूनिया को सह प्रभारी बनाया गया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पूनिया के पुनर्वास की यह अहम कड़ी मानी जा रही है। उनके साथ महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य संजय उपाध्याय को भी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा और बिहार चुनावों में पूनिया के प्रदर्शन को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है।
तेलंगाना चुनाव में आशीष शेलार की तैनाती

तेलंगाना नगर निगम चुनावों के लिए आशीष शेलार को प्रभारी बनाकर नितिन नबीन ने युवा नेतृत्व को भी मौका दिया है। देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाने वाले शेलार के साथ अशोक परनामी और रेखा शर्मा को सह प्रभारी बनाया गया है। इस फैसले को दक्षिण भारत में संगठन मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जल्द बनेगी नितिन नबीन की नई टीम
सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन जल्द ही अपनी पूरी संगठनात्मक टीम का गठन करेंगे। पहले ही दिन तेज फैसले लेकर उन्होंने संकेत दे दिया है कि वे देरी के बजाय तेजी से काम करने की नीति अपनाएंगे। बुधवार को प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महासचिवों के साथ मंथन और इसके बाद RSS से जुड़े संगठनों के साथ समन्वय बैठक भी प्रस्तावित है।
राजनीतिक मायने
इन नियुक्तियों से साफ है कि नितिन नबीन चुनावी राज्यों पर तुरंत फोकस कर रहे हैं। अनुभवी नेताओं और RSS समर्थित चेहरों को आगे बढ़ाकर उन्होंने संगठन और विचारधारा दोनों को संतुलित रखने की रणनीति अपनाई है।





