तेहरान: ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन अब व्यापक हिंसा में बदल गए हैं और देशभर में तनाव गहराया हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें लगभग 500 सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं, और 24,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में आंकड़े इससे कहीं अधिक बताए जा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन मूल रूप से बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन जल्दी ही ये ईरानी जनता की व्यापक नाराज़गी और सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का रूप ले लिया।
ईरानी सुरक्षा बलों और अतिदानिक मिलिशिया बलों ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़े उपाय अपनाए, जिसमें राज्य मीडिया के अनुसार हथियारों का इस्तेमाल, इंटरनेट ब्लैकआउट और सशस्त्र दमन शामिल है।
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अब तक कम से कम 5000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें सुरक्षा बल भी शामिल हैं, और उन्होंने इस हिंसा के लिए ‘आतंकवादियों और सशस्त्र दंगाइयों’ को जिम्मेदार ठहराया है।
जबकि एक नेटवर्क ऑफ़ डॉक्टर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 16,500 से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग घायल हुए हैं, हालांकि इस आंकड़े का स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी शक्तियों के ‘हस्तक्षेप’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान से हथियार और प्रशिक्षित लोग प्रदर्शनकारियों के बीच भेजे गए हैं ताकि हिंसा को भड़काया जा सके। इसके अलावा, कुछ मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक बयानबाजियों में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी आयासिम मुनीर के बीच कथित गुप्त समझौते का हवाला दिया गया है, जिसमें ईरानी संकट को बढ़ाने का आरोप लगाया जाता है, हालांकि इन दावों के स्वतंत्र स्रोत सीमित हैं।

हाल ही में परेशानियों के बाद कई इलाकों में सड़कें शांत दिख रही हैं, लेकिन ईरान में अभी भी व्यापक तनाव जारी है और मानवाधिकार समूहों तथा स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार भयंकर दमन के बीच फांसी की खबरें भी सामने आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान में जारी हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी शक्तियों ने ईरानी नेतृत्व पर कड़ा रुख अपनाया है और विरोध कर्ताओं के समर्थन में बयान जारी किए हैं।





