खेतड़ी: उपखंड के राजोता पंचायत क्षेत्र की लगरिया वाली ढाणी में शनिवार अलसुबह लेपर्ड ने घर में घुसकर दो भाइयों पर हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत और वन विभाग के खिलाफ रोष फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बांसियाल रिजर्व कंजर्वेशन की चारदीवारी कमजोर होने से जंगली जानवर लगातार आबादी में पहुंच रहे हैं।
अलसुबह घर में घुसा तेंदुआ, सो रहे युवक पर किया जानलेवा हमला
राजोता पंचायत के लगरिया वाली ढाणी में तड़के लगभग तीन बजे अचानक तेंदुआ एक कच्चे मकान में घुस आया। कमरे में अकेला सो रहा युवक तेंदुए के निशाने पर आ गया। पास ही सोया हुआ गोकुलचंद शोर सुनते ही भाई को बचाने दौड़ा, लेकिन तेंदुआ पलटकर उस पर टूट पड़ा। खुद को छुड़ाने की कोशिश में तेंदुए द्वारा उसके दोनों हाथ बुरी तरह चबा लिए गए और शरीर पर कई गहरे घाव भी आए।
भाई को बचाने पहुंचा तो शिकार बना, दोनों हाथ बुरी तरह ज़ख़्मी हुए
गोकुलचंद के मुताबिक जब वह कमरे से बाहर निकला, तो तेंदुआ पहले से ही छोटे भाई पर हमला कर चुका था। वह चीखते हुए अंदर घुसा और जंगली जानवर को भगाने की कोशिश की, लेकिन तेंदुए ने उसी को पकड़ लिया। अंधेरे में संघर्ष के दौरान दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ग्रामीणों व घरवालों की आवाजें बढ़ने पर तेंदुआ भाग निकला।
खेत में भागकर फिर किया हमला, फार्म का कुत्ता भी घायल
हमले के बाद तेंदुआ ढाणी से भागकर पास के एक कृषि फार्म में छिप गया। ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवर ने वहां मौजूद एक पालतू कुत्ते पर भी हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। इससे गांव में दहशत और बढ़ गई और लोग सुबह तक घरों से बाहर नहीं निकले।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, ग्रामीणों में गुस्सा उबाल पर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बांसियाल रिजर्व कंजर्वेशन में छोड़े गए जंगली जानवर आवासीय इलाकों में लगातार आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंजर्वेशन क्षेत्र में सिर्फ चार फीट ऊंची दीवार बनाई गई है, जिसे तेंदुआ आराम से लांघ जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी मवेशियों पर कई बार हमले हुए, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला।
वन विभाग मौके पर पहुंचा, निरीक्षण कर जानकारी जुटाई
घटना की सूचना पर रेंजर पवन सिंह शेखावत टीम लेकर ढाणी पहुंचे। उन्होंने खेतों, घरों और आसपास के पहाड़ी मार्गों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने उनसे मांग की कि जंगली जानवरों को रोकने के लिए मजबूत फेंसिंग हो, और घायलों के लिए उपचार व आर्थिक राहत का प्रावधान तुरंत किया जाए।





