चिड़ावा: शहर में नगर पालिका की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। मंड्रेला रोड स्थित पानी की टंकी के पास अंबिका नगर क्षेत्र में सीवर पाइप लाइन से लंबे समय से गंदे पानी का रिसाव हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि मुख्य सड़क पर कीचड़ और बदबू फैल चुकी है, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा।
चिड़ावा की मंड्रेला रोड पर अंबिका नगर क्षेत्र में सीवर लाइन से लगातार गंदा पानी बह रहा है। रिसाव के कारण सड़क पर पानी जमा हो गया है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गंध फैल गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पानी के कारण सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा हर समय बना रहता है और पैदल चलने वालों को भी आवागमन में दिक्कत हो रही है।
सीवर लाइन की समस्या केवल यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों ने बताया कि लगातार फैले गंदे पानी और बदबू के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से कतराने लगे हैं। इससे रोजमर्रा की बिक्री प्रभावित हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो व्यापार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के दुकानदारों ने नगर पालिका के कार्यकारी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपने वालों में बुधराम जांगिड़, जगदीश, श्रवण कुमार सैनी, सोनू, प्रदीप, राजेंद्र, सुभाष, मनोज कुमार, धर्मपाल, राकेश, संदीप गुर्जर सहित अन्य दुकानदार शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में सीवर पाइप लाइन की तत्काल मरम्मत कराने और गंदे पानी के भराव से निजात दिलाने की मांग उठाई।
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने नगर पालिका से आग्रह किया है कि सीवर लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में दोबारा इस तरह की समस्या उत्पन्न न हो। उनका कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान किया जाए, जिससे आमजन को राहत मिले और सड़क पर यातायात सुचारू रूप से चल सके।
दुकानदारों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि नगर पालिका ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की प्रमुख सड़क पर इस तरह की स्थिति नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।





