चूरू: जिले के बहुजन समाज के लिए 3 जनवरी 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सामाजिक कार्यकर्ता दिव्या वाल्मीकि को भारतीय दलित साहित्य अकादमी महिला प्रकोष्ठ की चूरू जिलाध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया। सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर जयपुर में आयोजित समारोह में उन्हें फातिमा शेख अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान और जिम्मेदारी बहुजन महिला नेतृत्व, सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
सावित्रीबाई फुले जयंती पर मिला सम्मान, संगठन ने जताया विश्वास
जयपुर में सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिव्या वाल्मीकि को चूरू जिले से फातिमा शेख अवार्ड प्रदान किया गया। इसी अवसर पर भारतीय दलित साहित्य अकादमी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट हेमलता कांसोटिया की सहमति से दिव्या वाल्मीकि को महिला प्रकोष्ठ की चूरू जिलाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया गया। संगठन की ओर से यह मनोनयन बहुजन समाज में उनके सक्रिय सामाजिक योगदान को देखते हुए किया गया।
“बहुजनों और पीड़ितों की आवाज बनना मेरी प्राथमिकता” – दिव्या वाल्मीकि
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दिव्या वाल्मीकि ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूरू जिले में संगठन को मजबूत करते हुए बहुजनों, शोषितों और पीड़ितों की आवाज को संविधान के दायरे में रहकर बुलंद किया जाएगा। महिलाओं पर होने वाले अन्याय और अत्याचार के मामलों में सक्रिय हस्तक्षेप कर उन्हें रोकने का प्रयास किया जाएगा और बहुजन समाज के महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
अत्याचारों के खिलाफ सख्त रुख, संविधान के तहत संघर्ष
दिव्या वाल्मीकि ने कहा कि जिले में बहुजन समाज पर हो रहे अत्याचारों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि हर संघर्ष संविधानिक मर्यादाओं के अंतर्गत रहकर किया जाएगा, ताकि सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती मिल सके और पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

जल्द गठित होगी जिला कार्यकारिणी, महिलाएं और युवा होंगे शामिल
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि शीघ्र ही भारतीय दलित साहित्य अकादमी महिला प्रकोष्ठ की चूरू जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस कार्यकारिणी में महिलाओं और युवाओं को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके और सामाजिक आंदोलन को नई दिशा दी जा सके।
सामाजिक आंदोलनों में रहा है सक्रिय योगदान
दिव्या वाल्मीकि पूर्व में भीम आर्मी, कोरो इंडिया और समता न्याय केंद्र चूरू जैसे सामाजिक संगठनों से जुड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। सामाजिक न्याय, महिला अधिकार और दलित उत्पीड़न के मामलों में उनके सक्रिय योगदान को देखते हुए ही संगठन ने उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
बहुजन समाज ने किया स्वागत, शुभकामनाओं का सिलसिला
भारतीय दलित साहित्य अकादमी महिला प्रकोष्ठ की चूरू जिलाध्यक्ष बनने पर बहुजन समाज के सदस्यों ने दिव्या वाल्मीकि का स्वागत किया। इस अवसर पर एडवोकेट सुरेश काला, एडवोकेट सुनील मेघवाल, राकेश पंवार, ओम प्रकाश, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा, प्रियंका देवी, ममता गर्वा, कमला प्रजापत, कन्हैया लाल चंदेलिया, विजय पंवार, अशोक पंवार, महेश मेहरा, एडवोकेट नरेंद्र मेहरा, जय गोगड़िया, चुन्नीलाल, विक्की, संदीप, किशन वाल्मीकि और कांता देवी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।





