चिड़ावा: शहर में किसानों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती श्रद्धा, विचार और संकल्प के वातावरण में मनाई गई। चौधरी कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी जुटे, जहां चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण भारत और सामाजिक न्याय से जुड़े विचारों को फिर से जीवंत करता नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के जीवन दर्शन और नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने सत्ता को नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और गांवों के उत्थान को प्राथमिकता दी। भूमि सुधार, किसान अधिकारों की रक्षा और ग्राम आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में उनके प्रयास ऐतिहासिक रहे हैं।
वक्ताओं का कहना था कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों ने ग्रामीण भारत की नींव को मजबूत किया। उन्होंने खेती को लाभकारी बनाने, किसानों की आवाज को संसद तक पहुंचाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो रास्ता दिखाया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। युवाओं को उनके संघर्ष और सादगी से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष अभय सिंह बडेसरा, वरिष्ठ पार्षद राजेन्द्र पाल सिंह कोंच, कैप्टन कुलदीप मान, महेंद्र सिंह नेहरा, हनुमान सिंह पचार, सुनील पचार, आशा राम, अजीत सिंह मुरादपुरिया, सुरेन्द्र महला और सत्यपाल बलोदा ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बलवीर भगासरा, योगेंद्र कटेवा, मुकेश गठवाल, राजेन्द्र बालायन, अमरसिंह थालोर, चन्द्र भान बिजारणियां, अमित भालोठिया, धर्मपाल बेदवाल, कंवर पाल, रामचन्द्र श्योराण, जगदीश प्रसाद और सिताराम पंवार सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर चलने, किसानों के हक की लड़ाई को मजबूती देने और ग्रामीण समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आयोजन क्षेत्रवासियों की एकजुटता और किसानों के मसीहा के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक बनकर सामने आया।





