झेरली में डा. भीमराव अम्बेडकर सामुदायिक भवन का शिलान्यास, नौरंगलाल भूपेश की प्रथम पुण्यतिथि पर लिया बड़ा सामाजिक संकल्प

पिलानी: निकटवर्ती गांव झेरली में सामुदायिक विकास के बड़े कदम के रूप में डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर सामुदायिक भवन व जागृति केंद्र का शिलान्यास किया गया। सामाजिक जिम्मेदारी और प्रेरणादायक जनसेवा की मिसाल बने इस आयोजन में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां जनप्रतिनिधियों ने स्वर्गीय नौरंगलाल भूपेश के योगदान को याद करते हुए परिवार के इस संकल्प को सराहा।

कार्यक्रम का आयोजन स्व. नौरंगलाल भूपेश की प्रथम पुण्यतिथि पर शांति देवी नौरंगलाल भूपेश चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से किया गया। उनके पुत्र सुभाष चंद्र, सुरेश कुमार, भोमाराम, राजेश कुमार, पुत्री सुलोचना व रामावतार चिड़ावा एवं परिजनों ने मिलकर डा. आंबेडकर सामुदायिक भवन और जागृति केंद्र का निर्माण शुरू करने की घोषणा की।

डेढ़ बीघा भूमि पर हॉल, दो कमरे और बरामदा निर्माण का लक्ष्य रखा गया। वहीं स्व. लादूराम के पुत्र पितराम भूपेश, पौत्र लीलाराम, बुद्धराम, संदीप व परिजनों ने भी एक कमरा बनवाने का ऐलान किया।

शिलान्यास समारोह में पिलानी विधायक पितराम सिंह काला सहित कई पूर्व जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि पितराम सिंह काला ने कहा कि समाज में ऐसे लोग कम होते हैं जो सामुदायिक भवन बनाने जैसे सार्वजनिक हित के साहसिक निर्णय लेते हैं। परिवार की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

चिड़ावा नगरपालिका अध्यक्ष सुमित्रा सैनी ने कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में ग्रामवासियों को सामुदायिक भवन से मिलने वाले लाभ बताए।

इस मौके पर मौजूद रहे — पूर्व विधायक मूलसिंह शेखावत, चिड़ावा के पूर्व प्रधान निहाल सिंह रणवा, सुरजगढ़ के पूर्व प्रधान शेर सिंह नेहरा, जिला परिषद सदस्य विनीता रणवा, पिलानी के पूर्व चेयरमैन हीरालाल नायक, कांग्रेस नेता संजय सैनी, पंचायत समिति सदस्य शीशराम डुलानिया, कांग्रेस नेता विनोद काजला, सरपंच अनिल कटेवा व महावीर जोया, तथा सामाजिक प्रतिनिधि रणधीर गोठवाल, प्रदीप झाझड़िया, मातु सिंह शेखावत, सुबे सिंह भटैया, बाबूलाल सोलंकी, दिलीप चिड़ावा, परमानंद बुडानिया, मनोज भास्कर व अनिल जांगिड़।

कार्यक्रम की शुरुआत शांति देवी ने स्वर्गीय नौरंगलाल भूपेश की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की। संचालक धर्मपाल बौद्ध भोबियां ने मंच संचालन किया।

समारोह में झेरली और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और इस सामाजिक कार्य को रोजगार, शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के लिए उपयोगी बताया।

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