झुंझुनूं: जिले में 13 नवंबर को महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। ग्रामीण भारत की पहचान और महिला उद्यमिता की प्रेरणा बन चुकीं डॉ. रूमा देवी जिले की महिलाओं से सीधा संवाद करेंगी। इस संवाद में वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, उद्यमशीलता अपनाने और अपने हुनर को मार्केट में पहचान दिलाने की राह दिखाएंगी।
डॉ. रूमा देवी झुंझुनूं में करेंगी सीधा संवाद
राजस्थान ग्रामीण विकास परिषद और रूमा देवी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। डॉ. रूमा देवी इस दौरान महिलाओं के जीवन के अनुभव, संघर्ष और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों को सुनेंगी। संवाद के माध्यम से वे ग्रामीण महिलाओं को मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और नवाचार जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
स्थानीय हुनर से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय हुनर की पहचान दिलाना और उसे बाजार से जोड़ने के अवसर प्रदान करना है। डॉ. रूमा देवी बताएंगी कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद महिलाएं छोटे व्यवसायों के माध्यम से बड़ी पहचान बना सकती हैं। वह महिलाओं को प्रेरित करेंगी कि वे अपने उत्पादों को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रमोट करें।
‘राजसखी’ प्रदर्शनी में दिखेगा महिला शक्ति का हुनर
इस आयोजन के दौरान ‘राजसखी प्रदर्शनी’ का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं द्वारा बनाए गए खाद्य उत्पाद, वस्त्र हस्तशिल्प और घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित होंगी। यह प्रदर्शनी महिलाओं के कौशल, मेहनत और आत्मनिर्भरता की जीवंत झलक पेश करेगी।
महिलाओं में उत्साह, नवाचार पर खुली चर्चा की तैयारी
झुंझुनूं और आसपास के गांवों की महिलाएं इस संवाद को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इस कार्यक्रम में महिलाएं न केवल अपने विचार साझा करेंगी बल्कि स्वरोजगार को बेहतर बनाने के नए सुझाव और नवाचारों पर चर्चा भी करेंगी। उम्मीद है कि यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।





