चिड़ावा, 1 अक्टूबर: चिड़ावा पंचायत समिति प्रधान पद पर एक बार फिर इंद्रा डूडी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बीडीओ अनिषा बिजारणिया ने उन्हें बुके भेंट किया और कार्यभार ग्रहण करवाया। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य, सरपंच व अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रधान इंद्रा डूडी के समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यभार ग्रहण करने से पहले प्रधान इंद्रा डूडी ने पंचायत समिति सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद पर लगाए गए आरोपों को नकारते हुए मीडिया के सवालों के सिलसिलेवार जवाब दिए। इंद्रा डूडी ने बताया कि विरोधियों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए सभी 11 आरोप राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष समिति की जांच में झूठे पाए गए और इसी के आधार पर जांच समिति ने उन्हें पद पर पुनः बहाल करने की अनुशंसा की। इंद्रा डूडी ने प्रधान पद पर पुनः बहाल किए जाने पर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जांच में सच की जीत हुई है और झूठ भी जनता के समक्ष बेनकाब हो गया।
कार्यभार ग्रहण करने से पहले समर्थकों ने इंद्रा डूडी का चुनरी व माला पहनाकर स्वागत किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रधान डूडी को बधाई देने वालों का तांता लग गया। उन्होंने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबकी दुआओं से ही पद पर वापसी संभव हो पाई है।
कहा- “साजिश के तहत पद से हटाया”
प्रधान इंद्रा डूडी ने कहा कि मेरे खिलाफ झूठे आरोप गढ़े गए और उनकी जांच जिला परिषद के ऐसे कर्मचारी से करवाई गई, जिसके आचरण को मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संदिग्ध मानते हुए उसे पंचायती राज विभाग से सम्बन्धित कोई भी पत्रावली नहीं दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मेरे विरुद्ध जो शिकायतें की गई थी, उनकी जांच के लिए जिस समिति का गठन किया, उसके सदस्य जयपुर से आकर 3 दिन तक पंचायत समिति में बैठे रहे लेकिन तत्कालीन प्रधान ने जांचकर्ताओं को कोई कागजात उपलब्ध नहीं करवाए।
दुकानों के आवंटन में भी भ्रष्टाचार के आरोप साबित नहीं कर पाए
इंद्रा डूडी ने बताया कि पंचायत समिति की जिन दुकानों के आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया, उनकी आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई थी। उन्होंने बताया कि मेरे कार्यकाल में इन दुकानों का किराया निर्धारित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया था। पीडब्ल्यूडी ने ही दुकानों की कीमत और किराया भी निर्धारित किया था। इसके बाद जिला परिषद सीईओ द्वारा नियुक्त कर्मचारी की देखरेख में इन दुकानों का आवंटन किया गया था। प्रधान डूडी ने कहा कि जिन दुकानों की कीमत पीडब्ल्यूडी द्वारा 13 लाख ₹ बताई गई थी, उसमें करोड़ों का भ्रष्टाचार कैसे हो सकता है।
प्रधान क्रय समिति का सदस्य नहीं, फिर भ्रष्टाचार में शामिल कैसे हो सकते हैं?
इंद्रा डूडी ने मीडिया को बताया कि पंचायत समिति का प्रधान क्रय समिति का सदस्य नहीं होता। ऐसे में जिन आरोपों के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया, उन्हें जांच समिति ने निरस्त किए जाने योग्य पाया। जाहिर है उन्हें पद से हटाने के लिए ही यह सारी साजिश रची गई।
धांगड़ का साथ देने वाले नेताओं पर भी सवाल उठाए
प्रधान इंद्रा डूडी ने रोहिताश्व धांगड़ को मौकापरस्त बताते हुए उन नेताओं पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने उन्हें पद से हटाने के लिए धांगड़ का साथ दिया। धांगड़ के खिलाफ आपराधिक मामलों का जिक्र करते हुए प्रधान डूडी ने कहा इन नेताओं की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने कांग्रेस से चुनाव जीतकर बीजेपी में आने वाले कैंडिडेट का साथ दिया। उन्होंने कहा कि रोहिताश्व धांगड को बूझा निकालनी आती है। 2022 में ही धांगड को पता चल गया था, कि 2025 में मैं अपने बेटे के साथ पूना में रहूंगी। लोगों को बरगला कर मेरे खिलाफ केस करवाया गया। प्रधान डूडी ने बताया कि रोहिताश्व धांगड़ पर अकेले झुंझुनूं में 2016 तक 420 सहित अन्य गंभीर धाराओं में आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज रहे हैं। यही नहीं उन्होंने रोहिताश्व धांगड़ के खिलाफ मीडिया में छपी खबरों को भी मीडियाकर्मीयों व सभागार में मौजूद लोगों को दिखाया।
प्रधान इंद्रा डूडी ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि रोहिताश्व धांगड़ के कार्यकाल में सभी ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के टेंडर दिव्या कंस्ट्रक्शन के नाम से दिए जाते रहे हैं, जो कि धांगड़ के ड्राइवर के नाम से रजिस्टर्ड है। प्रधान डूडी ने दावा किया कि रोहिताश्व धांगड के खाते में कमिशन दिए जाने का सबूत मेरे पास है। एक के पचास की कोई गारंटी ले, तो मैं सबूत देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि 45 प्रतिशत कमीशन व 25 प्रतिशत जीएसटी मैं बंद कर दूंगी।





