चिड़ावा: शहर के जोशियों की बगीची के पीछे स्थित वार्ड संख्या 15 और 20 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क धंसने से स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह संकट एक निजी टावर कंपनी द्वारा केबल बिछाने के दौरान की गई अव्यवस्थित खुदाई के चलते पैदा हुआ है। कंपनी ने खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा, जिससे सड़क की सतह धंस गई और कई स्थानों पर पेयजल पाइप लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
कुछ दिन पहले पाइप लाइन टूटने के कारण क्षेत्र के कई घरों में गंदा पानी पहुंचने लगा था। इसे लेकर स्थानीय निवासियों ने जलदाय विभाग को शिकायत दी थी, जिस पर सहायक अभियंता सविता चौधरी ने मौके का मुआयना किया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन उसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि सड़क के नीचे से लगातार हो रहे पानी के रिसाव के चलते एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे राहगीरों का आना-जाना बाधित हो गया है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सोमवार को एक गौवंश इस गड्ढे में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत जेसीबी मशीन की सहायता से उसे बाहर निकाला। इस घटना से नाराज होकर वार्डवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र की महिलाओं ने सड़क और पेयजल व्यवस्था की मरम्मत की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन में अनुराधा वर्मा, पुष्पा, इंद्रा वर्मा, सुमित्रा, विधा देवी, संतरा, भगवती, संतोष, ओमवती, मंजू और बबीता ने भाग लिया। महिलाओं का कहना है कि गंदा पानी आने से बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर फिलहाल जलदाय विभाग की टीम मौके पर पाइप लाइन की मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। वहीं, नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी लापरवाह कंपनियों पर सख्त जुर्माना लगाया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शीघ्र ही सड़क व पेयजल समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समस्या के लंबे समय तक अनदेखे रहने से नगर में नाराजगी का माहौल बनता जा रहा है।