जयपुर: राजधानी जयपुर के महारानी कॉलेज परिसर में बने तीन मजारों के कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर धरोहर बचाव समिति ने विरोध दर्ज कराया। समिति के अध्यक्ष भारत शर्मा के नेतृत्व में कॉलेज गेट के बाहर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कॉलेज छात्राएं और हिंदूवादी संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
जैसे ही कार्यक्रम की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली, तत्काल प्रभाव से डीसीपी साउथ दिगंत आनंद और एडिशनल डीसीपी ललित शर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। इससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण जरूर हुआ, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
गौरतलब है कि कॉलेज परिसर में स्थित तीन मजारों को लेकर धरोहर बचाव समिति और अन्य संगठन लगातार आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि एक ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थान में किसी भी प्रकार का धार्मिक निर्माण न केवल अनुचित है, बल्कि यह धरोहर संरक्षण अधिनियम का भी उल्लंघन है। समिति ने इन मजारों को हटाने की मांग करते हुए इसे शिक्षा परिसरों की पवित्रता और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर देखा है।
इस मुद्दे पर आगामी 18 जुलाई को जांच कमेटी कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाली है। इससे पहले ही विरोध प्रदर्शन तेज हो चुके हैं। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे भारत शर्मा ने स्पष्ट किया कि अगर जांच कमेटी की रिपोर्ट में उनके तर्कों की अनदेखी की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व कॉलेज प्रबंधन की होगी। उनका कहना है कि यह केवल धार्मिक निर्माण का मामला नहीं, बल्कि शैक्षणिक परिसरों की गरिमा और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

कॉलेज की छात्राओं ने भी प्रदर्शन में भाग लेते हुए प्रशासन से सवाल किए और परिसर को धार्मिक रूप से निष्पक्ष बनाए रखने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कॉलेज शिक्षा का केंद्र है, इसे किसी भी धार्मिक प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए।
पुलिस प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस गश्त और खुफिया निगरानी को बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद न होकर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच कमेटी की रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई इस प्रकरण की दिशा तय करेगी।