झुंझुनूं: पुजारी सेवक महासंघ (पंजीकृत) के प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर पुजारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर रामवतार मीणा को एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलजारी लाल शर्मा ने किया।
संयोजक महेश बसावतिया ने बताया कि ज्ञापन में राजस्थान के मंदिर पुजारियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए कई मांगें रखी गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से मंदिर पुजारियों को खातेदारी अधिकार प्रदान करना, पुजारियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा पुजारी प्रोटेक्शन बिल लाना, सभी अराजकीय मंदिरों को नि:शुल्क बिजली और पानी की सुविधा देना शामिल है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि फार्मर रजिस्ट्री में मंदिर माफी की भूमि को भी शामिल किया जाए। मंदिरों की संपत्तियों से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए एक स्वतंत्र मंदिर ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए। साथ ही, मंदिर माफी की जमीनों पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटवाने के लिए सरकार प्रभावी कार्रवाई करे।
महेश बसावतिया ने बताया कि जैसे राज्य सरकार ने विभिन्न जातीय कल्याण बोर्ड बनाए हैं, उसी तरह पुजारियों के लिए अलग से पुजारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। यह बोर्ड केवल पुजारियों के हितों के लिए समर्पित हो और इसके माध्यम से उन्हें मासिक मानदेय की व्यवस्था दी जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में अनूप पुरोहित, एडवोकेट सुशील जोशी, लीलाधर पुरोहित, सुरेन्द्र शर्मा ढाणीवाला, नरेन्द्र शर्मा अनन्त पब्लिक, पंडित भंवर लाल नूआ, विनोद हिसारिया, शिवचरण पुरोहित, प्रदीप शर्मा अलसीसर, महाराज गणेशा नन्द मंडावा और विनोद पुजारी (जिलाध्यक्ष) शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पुजारियों की इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करेगी।





