पेंशनर्स समाज सूरजगढ़ ने भेदभावपूर्ण पेंशन नीति के विरोध में प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

नवीन पेंशन प्रणाली के खिलाफ तेज होगा आंदोलन, समान व न्यायसंगत पेंशन नीति की उठी मांग

सूरजगढ़, 10 अप्रैल 2025: पेंशनर्स समाज उपशाखा सूरजगढ़ ने नवीन पेंशन प्रणाली (NPS) के भेदभावपूर्ण प्रावधानों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार चन्द्रशेखर के माध्यम से सौंपा। यह ज्ञापन पेंशनर्स समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी बलबीर ठोलिया के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया।

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ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई कि वर्ष 2016 के बाद से सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को पुरानी पेंशन प्रणाली (OPS) की तुलना में जो कम लाभ मिल रहे हैं, वह अनुचित और असमान हैं। समाज का कहना है कि नवीन पेंशन प्रणाली के अंतर्गत पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा की भावना से वंचित कर दिया गया है, जिससे सेवानिवृत्ति के पश्चात आर्थिक असुरक्षा उत्पन्न हो रही है।

पेंशनर्स का तर्क है कि दो अलग-अलग पेंशन प्रणाली लागू कर सरकार ने एक ही सेवा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के साथ भेदभाव किया है, जो संविधान की समानता की भावना के विपरीत है। ज्ञापन में इस भेदभाव को समाप्त करते हुए समान और न्यायसंगत पेंशन नीति को लागू करने की मांग की गई।

इस मौके पर कई वरिष्ठ पेंशनर्स उपस्थित रहे, जिनमें बच्चन सिंह शेखावत, सुलतान सैनी, छोटेलाल सौंकरिया, हुकमीचंद, सन्तलाल बड़सीवाल, राजेंद्र महिला, रामनिवास शर्मा, नन्दलाल लाम्बा, रामस्वरूप आसलवासिया, रतनलाल चेतीवाल, रविन्द्र शेखावत, राजपाल फोगाट, मनोहर जांगिड़, नरेंद्र मान, आजाद सिंह, बहादुर बड़गुजर, दिनेश शर्मा, राम ठोलिया और जगदेव सिंह खरड़िया प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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पेंशनर्स समाज के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो समाज आंदोलन को तेज करेगा। उन्होंने देशभर के पेंशनर्स से एकजुट होकर संघर्ष में भाग लेने का आह्वान भी किया।

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