एलन मस्क के Grok Chatbot पर सरकार की सख्ती, भाषा सुधार को लेकर उठाया कदम

नई दिल्ली: एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ग्रोक एआई चैटबॉट इन दिनों अपनी गली छाप हिंदी भाषा को लेकर विवादों में घिरा हुआ है। ग्रोक द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने ग्रोक की भाषा पर नजर रखते हुए एक्स के साथ संपर्क साधा है।

Advertisement's
Advertisement’s

ग्रोक की भाषा पर सवाल

ग्रोक चैटबॉट के जवाबों में चौंकाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें गालियों और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग देखा गया है। यह चैटबॉट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी नेता राहुल गांधी तक के बारे में विवादास्पद टिप्पणियां कर रहा है। उदाहरण के तौर पर, ग्रोक अक्सर “चिल कर”, “अब रोना बंद कर” और “तुझे मिर्ची क्यों लग रही है” जैसे वाक्य इस्तेमाल करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने फिलहाल एक्स को कोई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं किया है। हालांकि, मंत्रालय ग्रोक की भाषा की समीक्षा कर रहा है और इस पर कानूनन कार्रवाई करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।

एलन मस्क पर भी सवाल

गौरतलब है कि ग्रोक ने अमेरिकी राजनीति पर भी विवादास्पद बयान दिए हैं। चैटबॉट ने अमेरिका को नुकसान पहुंचाने वाले तीन प्रमुख व्यक्तियों के नाम पूछे जाने पर डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क और जॉर्ज सोरोस के नाम गिनाए। इससे एक्स और ग्रोक की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Advertisement's
Advertisement’s

हाई कोर्ट में एक्स की याचिका

वहीं, दूसरी ओर एक्स ने कर्नाटक हाई कोर्ट में भारत सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एक्स का आरोप है कि आईटी एक्ट के तहत सरकार प्लेटफॉर्म पर कंटेंट ब्लॉक कर रही है। मामले पर सुनवाई जारी है और मंत्रालय ने इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!