नई दिल्लीः भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 15-16 अक्टूबर को पाकिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि की है। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जयशंकर की इस यात्रा को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पहली बार होगा जब भारतीय विदेश मंत्री 2019 के बाद पाकिस्तान का दौरा करेंगे।
जयशंकर की उपस्थिति पर होंगी निगाहें
शंघाई सहयोग संगठन की यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस बैठक में चीन, रूस और मध्य एशियाई देशों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। जयशंकर की उपस्थिति से भारत की इस क्षेत्रीय मंच पर भूमिका और प्रभाव को मजबूती मिलने की उम्मीद है। SCO का यह मंच सामरिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, जहां आतंकवाद, उग्रवाद और ड्रग तस्करी जैसे विषयों पर सदस्य देश अपनी रणनीति साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया था निमंत्रण
पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था, जिसकी जानकारी 29 अगस्त को दी गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने बताया था कि SCO बैठक में हिस्सा लेने के लिए सभी सदस्य देशों के प्रमुखों को निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के बजाय विदेश मंत्री जयशंकर के भाग लेने की पुष्टि की गई। बलोच ने यह भी बताया कि कुछ देशों ने पहले ही बैठक में भाग लेने की अपनी सहमति दे दी है, जिनकी औपचारिक जानकारी बाद में दी जाएगी।
SCO में शामिल देश
शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। यह संगठन क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और सामाजिक-सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। आगामी शिखर सम्मेलन से पहले विभिन्न मंत्रिस्तरीय और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें सदस्य देश आपसी सहयोग और रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
2015 में मोदी की अचानक पाकिस्तान यात्रा
विदेश मंत्री जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा से पहले, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक पाकिस्तान दौरा किया था। उस समय उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस दौरे को भारत और पाकिस्तान के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा गया था। इसके बाद, 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों का सिलसिला रुक गया था।
पिछले वर्ष बिलावल भुट्टो ने किया था भारत दौरा
SCO के संदर्भ में पिछले वर्ष भी एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई थी, जब पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने गोवा में आयोजित SCO विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। वह 12 वर्षों में भारत आने वाले पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री थे। यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक संभावित नई शुरुआत की ओर संकेत करता है।





