पिलानी में जल संकट: पिलानी में पानी को लेकर बिगड़ते जा रहे हालात से राज्य सरकार के पीएचईडी और भूजल विभाग के सचिव आईएएस डॉ. समित शर्मा को अवगत करवाया गया है। कस्बे के डॉ. मनोज जांगिड़ ने जलदाय विभाग के बन्द पड़े बोरवेल और जलदाय विभाग की पेयजल आपूर्ति के सन्दर्भ में डॉ. समित शर्मा को विस्तृत डाटा और रिपोर्ट प्रेषित की थी, जिस पर एक्शन लेते हुए आईएएस डॉ. शर्मा ने आज जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता शरद के. माथुर को जन सुनवाई के लिए पिलानी भेजा।
कस्बे के गुलाब राय स्मृति भवन में जन सुनवाई के दौरान अधीक्षण अभियंता माथुर को लोगों की खरी-खोटी भी सुननी पड़ी। भीषण जल संकट से त्रस्त लोगों ने विभाग के स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी में जा अधीक्षण अभियंता को जलापूर्ति से सम्बन्धित शिकायतें करनी शुरू की, जिस पर अधिकारी बगलें झांकने लगे। एसई शरद के माथुर को जन सुनवाई में मौजूद लोगों ने बताया कि समस्या के बढ़ने में अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ और अधिकारियों की अनदेखी ही मुख्य वजह है।
एसई शरद के माथुर ने जन सुनवाई के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों को लताड़ लगाते हुए जल्द व्यवस्था में सुधार के लिए निर्देश दिए। एसई ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं पिलानी की जलापूर्ति सम्बंधी समस्या के निस्तारण की मॉनिटरिंग करेंगे।
ये रहे मौजूद
जन सुनवाई में जलदाय विभाग के एक्स ईएन मदनलाल, एईएन सुमित चौधरी, जेईएन सोनू और प्रदीप सहित पूर्व चेयरमैन विजय हलवाई, डॉ. मनोज जांगिड़, जल संघर्ष समिति के पार्षद राजकुमार नायक, अनिल नायक, दिलीप सिंह बागड़ी, एसयूसीआई के जिला सचिव शंकर दहिया, प्रो. नितेन्द्र पाठक, पार्षद मंजू सैनी, सुरेश सैनी, एडवोकेट पुनीत रूथला, अभय हरलालका, पूर्व पार्षद मोहनलाल जांगिड़, अशोक सैन, उत्तम पाडिया, सूर्यकांत भोमिया, नवीन पाडिया, कमल सैन, निरंजन सैन, मुन्नालाल शर्मा सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।




