पिलानी: सुजडोला क्षेत्र स्थित बाबा मढ़ी धाम में सोमवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव की शुरुआत 501 कलशों की ऐतिहासिक कलश यात्रा से हुई। शिव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके बाद मुख्य यजमान शमदर सिंह शेखावत ने सपत्नीक यात्रा को रवाना किया।
करीब तीन किलोमीटर लंबी इस भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में डुबो दिया। घोड़ा-ऊंट की आकर्षक सजावट, बैंड-बाजा, ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर गूंजते भक्ति गीत और “हरि बोल” के जयघोष ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता निभाई, जिससे दृश्य अत्यंत मनोहारी बन गया।
यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। पांच गांवों से उमड़ी भारी भीड़ ने आयोजन को धार्मिक जनसैलाब का रूप दे दिया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण एकता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश भी देता नजर आया।
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सरोज श्योरान ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।

महंत आकाश गिरी के सानिध्य में निकली शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से कथा स्थल तक पहुंची, जहां वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक का भावभीना स्वागत किया गया। प्रसाद वितरण के पश्चात श्रीमद्भागवत कथा का मंगलाचरण हुआ। प्रथम दिवस भगवान की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महिलाओं की विशेष भागीदारी ने आयोजन को आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
आयोजन समिति के महेश बसावतिया ने जानकारी दी कि सात दिनों तक प्रतिदिन भजन-कीर्तन, श्रीमद्भागवत कथा और प्रसादी का कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होगा। समापन अवसर पर विशाल भंडारा किया जाएगा। साथ ही 25 फरवरी को भव्य मेले का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इस अवसर पर जगमाल यादव, अर्जुन सिंह शेखावत और मानसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।





