गुढागौड़जी: थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ा में 70 वर्षीय वृद्ध महिला सीता देवी की निर्मम हत्या के ब्लाइंड मर्डर मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। तेज़ और सटीक पुलिस कार्रवाई में आरोपी प्रितम कुमार उर्फ लालू को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने लूट की नीयत से घर में घुसकर महिला की हत्या की थी। यह मामला झुंझुनूं जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
26 जनवरी 2026 को संतोष गोपालका द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम गुड़ा में अकेली रह रही उनकी बहन सीता देवी की रात में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद घर से नगद राशि और कीमती सामान लूट लिया गया। प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, जिससे पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी प्रितम कुमार उर्फ लालू को यह जानकारी थी कि सीता देवी लोगों को उधार देती थीं और उनके पास नकदी रहती थी। इसी लालच में वह रात के समय उनके घर में घुसा। महिला द्वारा पहचान लिए जाने और शोर मचाने पर आरोपी ने पहले गला दबाया और फिर चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।
घटनास्थल पर मिले रक्त के धब्बों और संघर्ष के संकेतों से स्पष्ट हुआ कि मृतका ने बचाव का प्रयास किया था। इसी दौरान आरोपी के हाथ और नाक पर धारदार हथियार से चोटें आईं। यही चोटें बाद में उसकी पहचान और गिरफ्तारी में अहम कड़ी बनीं।
पुलिस ने एफएसएल, एमओबी, एमआईयू टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य एकत्र किए। डॉग स्क्वॉड आरोपी की गंध के आधार पर चौथमल शर्मा के घर तक पहुंचा, जिसके बाद संदिग्ध प्रितम कुमार से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया और बताया कि इलाज के लिए वह घटना के बाद सीएचसी पौंख गया था।
झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन और देवेन्द्र सिंह राजावत, महावीर सिंह व सुरेश कुमार रोलन के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीमों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए आरोपी को समय रहते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है, जबकि मामले की आगे की जांच जारी है।
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में गुढागौड़जी थाना पुलिस, नवलगढ़ और उदयपुरवाटी की टीमों के सामूहिक प्रयासों की अहम भूमिका रही। तेज़ अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्य और ज़मीनी खुफिया सूचना के समन्वय से यह मामला बेहद कम समय में सुलझा, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।





