झुंझुनू: भारतीय सेना की देशभक्ति और बलिदान का उदाहरण पेश करते हुए 1965 भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए फैज मोहम्मद खान की स्मृति में बामनवास गांव में स्मारक निर्माण की मांग तेज हो गई है। पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव का दौरा किया और स्मृति स्थल बनाने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए सर्वसम्मति से सहयोग का संकल्प लिया। यह पहल सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और शहीद सम्मान का मजबूत संदेश दे रही है।
शहीद किसी जाति या धर्म का नहीं, पूरा राष्ट्र देता है सम्मान
पूर्व सैनिकों ने कहा कि शहीद फैज मोहम्मद खान सहित हर सैनिक पूरे देश का गौरव होता है। वे किसी जाति, मजहब या क्षेत्र से नहीं बंधे होते हैं। यह प्रयास पूरे राष्ट्र की ओर से शहादत को सम्मान देने का प्रतीक है। ग्रामीणों ने भी माना कि शहादत केवल परिवार की नहीं, पूरे देश की धरोहर होती है।
पूर्व सैनिकों की टीम ने गांव में किया संवाद और सर्वसमाज से की अपील
बामनवास में हुए इस दौरे में गौरव सेनानी सेवा समिति और एक्स सर्विसमैन लीग सहित कई पूर्व सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। गांव के प्रमुखों, युवाओं और बुजुर्गों से मुलाकात में स्मृति स्थल के लिए जमीन, स्थान और सुविधाओं पर चर्चा की गई।
दौरे में शामिल रहे पूर्व सैनिक और प्रतिनिधि
ग्रामीणों से संवाद करने वालों में एक्स सर्विसमैन लीग चिड़ावा संयोजक कर्नल शौकत अली खान, गौरव सेनानी सेवा समिति अध्यक्ष शीशराम डांगी, चिड़ावा ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास थाकन, लीग उपाध्यक्ष रामनिवास बुगालिया, जिला अध्यक्ष कैप्टन ताराचंद नूनिया, महासचिव जंगशेर अली खान, दफेदार खुर्शीद अली खान, उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद रोहिल्ला और उम्मेद खान गिडानिया प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्मारक निर्माण केवल सम्मान नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी होगा।
1965 युद्ध में वीरगति प्राप्त की थी शहीद फैज मोहम्मद खान ने
शहीद फैज मोहम्मद खान बामनवास के निवासी थे और 1965 भारत-पाक युद्ध में टैंक चालक के रूप में तैनात थे। वे उस टैंक को चला रहे थे, जिसके कमांडर वीर चक्र विजेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन अयूब खान थे। युद्ध के दौरान पाकिस्तानी फायरिंग में टैंक पर सीधा प्रहार होने से फैज मोहम्मद खान वीरगति को प्राप्त हो गए। पूर्व सैनिक बृह्मानंद रोहिल्ला ने बताया कि वे बेहद साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और अतुलनीय राष्ट्रभक्त थे।
गांव में बढ़ा उत्साह, जल्द शुरू हो सकता है स्मारक निर्माण
पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों के एकमत समर्थन के बाद अब स्मारक निर्माण के तेजी से शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं ने कहा कि यह स्मारक गांव के सम्मान को नई पहचान देगा और बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रेरित करेगा।





