चिड़ावा: भारत की आजादी के महानायक और बलिदानी भगत सिंह की 118वीं जयंती रविवार को चार मरुवा कुआं धाम बालाजी मंदिर परिसर में हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके अद्वितीय बलिदान को याद किया। पूरे आयोजन में ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
स्टेशन रोड स्थित चार मरुवा कुआं धाम में हुए इस आयोजन में भगत सिंह को याद करते हुए केक काटा गया और मिठाई बांटी गई। उपस्थित जनों ने इस दिन को राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा का पर्व बताया।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष थालौर ने कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में फांसी का फंदा चूमकर देश की आजादी के लिए अद्वितीय बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके विचारों और क्रांतिकारी जज्बे को अपने जीवन में अपनाएं।
समारोह में नगरपालिका उपाध्यक्ष अभय सिंह बड़ेसरा, नाहरसिंह राव, गुलझारी लाल नुनिया, महेंद्र धनखड़, विजेंद्र आर्य (चिंटू), रंजीत भगासरा, केदारमल जांगिड़, पार्षद प्रतिनिधि चरण सिंह, शीशराम महला, दिनेश शर्मा, राजेश राव, विकाश कटेवा, राजकुमार गजराज, राजेश भालोठिया, सोनू लांबा, अशोक शर्मा, प्यारेलाल थाकन, संजीव झाझडिया, सुनील सिद्धड, रामसिंह धतरवाल, मोतीलाल डांगी, विनोद सैनी, सुभाष, सौरभ जांगिड़, कृष्ण जांगिड़, कमल जांगिड़, जयकरण, अमित सैनी, अजयपाल शेखावत और अनिल गजराज सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बलिदानी भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।





