Saturday, February 14, 2026
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108–104 एंबुलेंस कर्मचारियों को छंटनी प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप, राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

चिड़ावा: राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने 108 और 104 एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को छंटनी एवं राजस्थान संविदात्मक नियुक्ति से सिविल पद नियम 2022 की प्रक्रिया से बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताई है। यूनियन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों को नियमों में सम्मिलित करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्तर से नाम जारी करने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि 108 और 104 एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी पिछले 15 से 17 वर्षों से निरंतर आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं। ये सेवाएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राजस्थान एंबुलेंस सेवा द्वारा संचालित की जा रही हैं। कर्मचारियों ने कोरोना काल सहित विभिन्न आपदाओं और विषम परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर जनसेवा की है।

यूनियन के अनुसार वर्ष 2022 में जोधपुर उच्च न्यायालय द्वारा 108–104 एंबुलेंस कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया जा चुका है, इसके बावजूद न्यायालय के आदेश की पूर्ण पालना नहीं की गई। 11 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राजस्थान संविदात्मक नियुक्ति से सिविल पद नियम 2022 में सम्मिलित किए जाने की प्रक्रिया में भी इन कर्मचारियों के नाम शामिल नहीं किए गए। यूनियन द्वारा नर्सिंग भर्ती को बोनस के आधार पर करवाए जाने कि मांग की गई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा संविदा, बाह्य स्रोतों से नियुक्ति, नियुक्ति एजेंसी और ठेका प्रथा के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की छंटनी/स्थानांतरण प्रक्रिया की जा रही है, जिनकी सेवा अवधि 5 से 10 वर्ष अथवा उससे अधिक है। लेकिन 108 और 104 एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से वंचित रखा गया, जो गंभीर भेदभाव और अन्याय को दर्शाता है।

यूनियन ने कहा कि समान प्रकृति की सेवा देने वाले अन्य संविदा कर्मचारियों को छंटनी प्रक्रिया में शामिल करना और एंबुलेंस कर्मचारियों को इससे बाहर रखना न्यायोचित नहीं है, जबकि ये कर्मचारी प्रतिदिन जीवनरक्षक और आपातकालीन सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान यूनियन ने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की वर्षों की निःस्वार्थ सेवा और जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।

ज्ञापन देने वालों में यूनियन जिला अध्यक्ष मनेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष नरेश सैनी, नर्सिंग स्टाफ अंकित निर्मल, बंटी नुनिया, संदीप, सुनील काजला, सतीश कुमार, अजय शर्मा, सुरेंद्र यादव, योगेश, रमेश, मुकेश सहित समस्त 108 यूनियन झुंझुनू जिला मौजूद रहे।

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