झुंझुनूं: जिले में बहुचर्चित डेनिश बावरिया हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। 50 हजार रुपये के इनामी और फरार आरोपी धर्मपाल उर्फ रेडी को कटराथल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जो पहाड़ियों में छिपकर फरारी काट रहा था। इस गिरफ्तारी के साथ प्रकरण में कुल 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
20 अक्टूबर 2025 को डेनिस उर्फ नरेश कुमार अपने साथियों सचिन, दीपचंद उर्फ कालू और राकेश के साथ पटाखे और करीब 3 लाख रुपये लेकर चुरू बाइपास से गुजर रहे थे। तभी तीन कैंपर गाड़ियों में आए प्रशांत उर्फ फोखर, दीपक मालसरिया, मंदीप उर्फ मदिया, कपिल मेघवाल, सुनील मेघवाल, हितेश मील, अजय जाट सहित अन्य 10–15 हमलावरों ने स्कॉर्पियो में टक्कर मारी और लोहे की पाइप से हमला कर डेनਿਸ का अपहरण कर लिया।
हमलावर उसे रसोडा गांव ले गए, जहां गंभीर मारपीट करने के बाद सोने की चैन, अंगूठी और बिक्री की रकम लूट ली गई। इलाज के दौरान डेनिस की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई, जिस पर मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ी गई।
जांच में सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर की सूचना और कई ठिकानों पर लगातार दबिश के बाद आरोपी की लोकेशन रैवासा, जीण माता, हर्ष, सीकर, लोसल, नागौर, रिंगस और चौमु क्षेत्र में ट्रेक की गई।
तलाशी के दौरान जानकारी मिली कि धर्मपाल उर्फ रेडी कटराथल से दिनारपुरा रोड पर किसी साथी से पैसे लेकर भागने की फिराक में था। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए उसे दबोच लिया।
डेनिश बावरिया हत्याकांड में धर्मपाल की गिरफ्तारी के साथ अब तक 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इस ऑपरेशन में पुलिस इंस्पेक्टर श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में एजीटीएफ टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें दिनेश का विशेष योगदान बताया गया है।




