डूंडलोद: बलवंतपुरा स्थित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल में 15 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला वार्षिक उत्सव ‘एलैसिया 2026’ इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। समारोह में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता एवं फिल्म प्रोड्यूसर सोनू सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद है। शिक्षा, संस्कृति और छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को समर्पित यह कार्यक्रम न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय रहेगा।
डूंडलोद गर्ल्स स्कूल, बलवंतपुरा के विद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले एलैसिया 2026 वार्षिकोत्सव को लेकर छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। यह उत्सव छात्राओं के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सह-शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होगा।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सोनू सूद की उपस्थिति आयोजन को विशेष पहचान दिलाएगी। सामाजिक कार्यों और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के लिए देशभर में पहचाने जाने वाले सोनू सूद का छात्राओं से संवाद उनके आत्मविश्वास और प्रेरणा को नई दिशा देगा। उनके आगमन को लेकर विद्यालय में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रक्षा खड़के, यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया करेंगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में भाग लेंगे। इन अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम का शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ेगा।
वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय की छात्राओं को बेस्ट डांसर, बेस्ट एकेडमिक परफॉर्मेंस, नियमित उपस्थिति, ऑल राउंड परफॉर्मेंस सहित विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही समूह नृत्य, संगीत प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन और विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को मंच प्रदान किया जाएगा।
विद्यालय सचिव बी. एल. रणवा ने बताया कि एलैसिया 2026 का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का विकास करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और भविष्य के लिए प्रेरित होने का अवसर देते हैं।
विद्यालय प्राचार्या इंदु सोनी ने कहा कि यह वार्षिकोत्सव सिर्फ पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्राओं की शिक्षा, कला और सांस्कृतिक उत्कृष्टता का उत्सव है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन छात्राओं को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ हासिल करने की प्रेरणा देते हैं।





