सूरजगढ़ का अजब-गजब नज़ारा: 3 साल से ‘खराब’ फायर ब्रिगेड वार्डों में पिला रही पानी, कस्बे में आग लगे तो राम भरोसे!

सूरजगढ़: कस्बे में फायर सेफ्टी भगवान भरोसे है। सूरजगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं पर फायर ब्रिगेड (अग्नि शमन वाहन) ‘खराब’ होने का हवाला दिया जाता है, वही फायर ब्रिगेड पिछले चार-पांच दिनों से वार्ड नंबर 6 में पानी की सप्लाई करती नजर आ रही है। इस अजीबोगरीब स्थिति ने आमजन में रोष पैदा कर दिया है। लोगों का सवाल है कि जो गाड़ी आग बुझाने के काबिल नहीं, वह पानी पिलाने के लिए कैसे ‘ठीक’ हो गई?

आग लगने पर चिड़ावा-पिलानी का सहारा

सूरजगढ़ क्षेत्र में जब भी आगजनी की कोई घटना होती है, तो नगरपालिका की फायर ब्रिगेड गाड़ी के खराब होने का हवाला देकर बात को टाल दिया जाता है। मजबूरन, चिड़ावा और पिलानी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाना पड़ता है। इस देरी के चलते समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता और बड़ा नुकसान हो जाता है। जानकारी के अनुसार, यह गाड़ी लगभग तीन साल से खराब है। इसका इंश्योरेंस भी कब से नहीं हुआ, पता नहीं। गाड़ी के प्रेशर पाइप बिल्कुल खराब हैं, जिससे यह आग पर काबू पाने में असमर्थ है।

‘खराब’ गाड़ी क्यों बनी पानी का टैंकर?

स्थानीय लोगों ने जब पिछले चार-पांच दिनों से इसी ‘खराब’ फायर ब्रिगेड को वार्ड नंबर 6 में पानी पिलाते देखा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। इस संबंध में पता चला कि गाड़ी की सिर्फ पानी भरने वाली नलकी ही सही है। नगरपालिका का तर्क है कि आग बुझाने में तो इसे काम नहीं ले सकते, लेकिन वार्ड 6 में पानी की किल्लत बहुत ज्यादा है। वहां का कुआं सूख गया है, इसलिए लोगों की मजबूरी समझते हुए इसे पानी पिलाने में काम लिया जा रहा है।

अधिकारियों का क्या है कहना?

इस पूरे मामले पर चेयरमैन पुष्पा देवी गुप्ता ने स्वीकारा कि फायर ब्रिगेड गाड़ी लंबे समय से खराब है। उन्होंने कहा कि संबंधित डीएलबी (DLB) (डायरेक्टरेट ऑफ लोकल बॉडीज) को कई बार नई गाड़ी उपलब्ध करवाने के लिए लिख दिया गया है, लेकिन वे ध्यान ही नहीं देते। उन्होंने कहा कि हमारा काम इसकी सूचना देना है, सूरजगढ़ नगरपालिका को नई फायर ब्रिगेड गाड़ी मिलेगी या नहीं, वो डीएलबी जाने, उन्हीं के अधीन यह आता है।

वहीं, पानी की किल्लत पर जलदाय विभाग के अविनाश काजला ने बताया कि वार्ड नंबर 6 में स्थित बोरवेल में लंबे समय से समस्या आ रही थी। केबल और मोटर को भी बदल दिया गया, जिसके बावजूद पानी कभी-कभार ही आता है। ऐसे में कुआं सूखने की संभावना जताई गई और उच्च अधिकारियों को नए बोरवेल खुदाई के लिए लिख दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी स्वीकृति हो चुकी है और चार-पांच दिन में बोरवेल खुदाई का काम शुरू हो जाएगा। इस मामले में सूरजगढ़ नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी (ईओ) तौफीक अहमद से जानकारी चाहने पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

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