सुलताना: थाना क्षेत्र से अपहृत नाबालिग बालिका को पुलिस ने तेजी दिखाते हुए पुष्कर के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया। सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए इस अपहरण मामले में पुलिस की टीम ने कई जिलों में दबिश देकर तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर सफलता हासिल की।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ अपहरण का मामला
घटना के अनुसार एक व्यक्ति ने थाना सुलताना में रिपोर्ट दी कि उसकी नाबालिग बेटी पानी लेने बाहर गई थी, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटी। परिजन ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में तलाश की, पर बच्ची का कोई पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि बेटी को झाडिया पुत्र जयराम बावरिया निवासी बोरावड़ थाना मकराना जबरन उठाकर ले गया। रिपोर्ट दर्ज होते ही मामला अपहरण में बदल गया और जांच शुरू हुई।
सुलताना पुलिस की विशेष टीम मैदान में उतरी
मामले को गंभीर मानते हुए थाना प्रभारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष खोज टीम गठित की गई। मामले की तफ्तीश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत, सीओ चिड़ावा विकास धींधवाल और पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय की मॉनिटरिंग रही, जिससे जांच का दायरा तेजी से बढ़ा।
150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और कई जिलों में छापेमारी
पुलिस टीम ने अप्रत्याशित मेहनत करते हुए झुंझुनूं, राजगढ़ चूरू, रामगढ़, मण्डावा, फतेहपुर, बिसाऊ, सीकर, डेगाना और परबतसर सहित विभिन्न स्थानों में बालिका की तलाश की। टीम ने करीब 100–150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी ट्रैकिंग की और मुखबिरों की मदद ली, जिसके बाद पता चला कि बालिका पुष्कर के पास गांव कुण्डरी में हो सकती है।
पुष्कर के नजदीक गांव से मिली कामयाबी
टीम को सुराग मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई और अंततः नाबालिग बालिका को कुण्डरी गांव में सुरक्षित पाया गया। पुलिस ने बालिका को दस्तयाब किया और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जांच और कानूनी कार्रवाई जारी
आरोपी झाडिया पुत्र जयराम बावरिया की लोकेशन और गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर कानूनन कार्रवाई पूरी की जाएगी। मामले ने जिले में बाल सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है।
पुलिस स्टाफ की अथक मेहनत
खोज अभियान में रविंद्र कुमार के साथ राजेंद्र कुमार, सुमित और दिनेश शामिल रहे। पूरी टीम ने दिन–रात का फर्क भूलकर लगातार लोकेशन अपडेट, सीसीटीवी विश्लेषण और फील्ड वर्क के जरिए कार्रवाई को अंतिम रूप तक पहुंचाया।





