नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मौजूदा राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। शनिवार को हुई बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनके नाम पर मुहर लगी। बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने औपचारिक ऐलान किया कि एनडीए की ओर से राधाकृष्णन ही उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे।
पीएम मोदी की मौजूदगी में हुआ फैसला
बैठक में गहन चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया। जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय करना चाहती थी और अंततः सीपी राधाकृष्णन के नाम पर सभी नेताओं ने सहमति जताई।
लंबा राजनीतिक अनुभव और संगठन में गहरी पैठ
चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन, जिन्हें सीपी राधाकृष्णन के नाम से जाना जाता है, तमिलनाडु के वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं। 20 अक्तूबर 1957 को तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन कोयंबटूर से 1998 और 1999 में सांसद रह चुके हैं। वे 2003 से 2006 तक तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहे और इस दौरान 19,000 किलोमीटर लंबी रथयात्रा निकालकर पार्टी के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्यपाल के रूप में भी निभाई जिम्मेदारी
31 जुलाई 2024 से वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। इससे पहले 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक वे झारखंड के राज्यपाल रहे। राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।
तमिलनाडु में मजबूत कद और भविष्य की रणनीति
सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु का ‘मोदी’ कहा जाता है। 16 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर उन्होंने राजनीति में कदम रखा था और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने। दक्षिण भारत में बीजेपी को मज़बूत बनाने में उनका योगदान अहम रहा। माना जा रहा है कि 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने यह बड़ा दांव खेला है।
उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 21 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था। अब 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होगा। 21 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और 25 अगस्त तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले पाएंगे।





