चिड़ावा: झुंझुनूं रोड़ स्थित शहर के एम. डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन ने एक बार फिर सिल्वर जोन अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2025-26, राष्ट्रीय ओलंपियाड परिणाम, और राज्य मेरिट रैंक-1 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शेखावाटी क्षेत्र की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। छात्रा पलक यादव ने राज्य मेरिट रैंक-1 और जोनल रैंक-3 प्राप्त कर संस्था की टॉपर परंपरा को कायम रखा। अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों में विद्यार्थियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर चिड़ावा शिक्षा समाचार में गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज कराई।
सिल्वर जोन अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड द्वारा जारी परिणामों में एम. डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन के 42 विद्यार्थियों ने अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। पलक यादव ने राज्य मेरिट रैंक-1 प्राप्त कर शेखावाटी के इतिहास में एक और श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम दर्ज कराया, जिससे संस्था की अकादमिक उत्कृष्टता और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की परंपरा और मजबूत हुई।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में एम. डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन सभागार में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुनील कुमार डाँगी और समित डाँगी द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। समारोह में सिल्वर जोन ओलंपियाड में चयनित विद्यार्थियों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
गणित ओलंपियाड में रितिका, याशु सोनी, आयुष, हेमंत कुमार और पलक यादव ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर संस्था का नाम रोशन किया। वहीं सुमित यादव, पलक डांगी, ईशांत बूडानिया और आस्था पूनिया ने रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा मयंक कुमार, हेनु सोलंकी, और सुहानी ने कांस्य पदक प्राप्त कर एम. डी. सी. एल. चिड़ावा की फाउंडेशन कक्षाओं की गुणवत्ता को प्रमाणित किया।
अंग्रेजी ओलंपियाड में लक्ष्य चौधरी, हिमांशु महला, मानवी, और देवांश ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वहीं पलक यादव, सृष्टि सिंह और जिवितेश ने रजत पदक जीता, जबकि आदित्य पायल, तनीषा, और सुहानी ने कांस्य पदक हासिल कर संस्था की भाषा शिक्षा में मजबूती को दर्शाया।
विज्ञान ओलंपियाड में जहान खान, एलेक्स, शहनाज, और रौनक ओला ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं अंकित, कनिष्का, और रिया ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि लक्ष्य जांगिड़, निकिता, हेमंत, और मोक्ष ओला ने कांस्य पदक हासिल कर विज्ञान शिक्षा में एम. डी. ग्रुप की उत्कृष्टता को सिद्ध किया।
समारोह में सुनील कुमार डाँगी और समित डाँगी ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासित अध्ययन अपनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर निरंतर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और राष्ट्रीय चिकित्सा प्रवेश परीक्षा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के एम. डी. सी. एल. फाउंडेशन कक्षाओं के दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
एम. डी. सी. एल. फाउंडेशन कक्षाओं का उद्देश्य नवीन शिक्षण पद्धतियों, नवाचार और प्रतियोगी परीक्षा-केंद्रित अध्ययन के माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य में डॉक्टर और इंजीनियर बनकर देश और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।





