झुंझुनूं: सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार जांगिड के परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। भारतीय स्टेट बैंक और अजमेर डिस्कॉम के बीच हुए एमओयू के तहत कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज योजना के अंतर्गत मृतक के परिजनों को 1 करोड़ 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का चेक सौंपा गया। यह सहायता न केवल परिवार के लिए संबल बनी है, बल्कि सरकारी-बैंकिंग समन्वय की एक मजबूत मिसाल भी प्रस्तुत करती है।
भारतीय स्टेट बैंक और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मध्य पूर्व में हुए एमओयू के अनुसार, सेवा में रहते हुए आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में कर्मचारियों के परिवार को कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज के अंतर्गत बीमा एवं क्षतिपूर्ति लाभ प्रदान किया जाता है। इसी प्रावधान के तहत सड़क दुर्घटना में दिवंगत विनोद कुमार जांगिड की पत्नी सुनिता जांगिड और उनके परिवारजनों को 1 करोड़ 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।
झुंझुनूं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्टेट बैंक की ओर से हेमन्त शर्मा, मुख्य प्रबंधक भजन लाल और प्रबंधक राहुल कुमार ने यह क्षतिपूर्ति चेक सौंपा। इस अवसर पर अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से अधीक्षण अभियंता महेश कुमार टीबडा, अधिशाषी अभियंता एस.के. अग्रवाल और अधिशाषी अभियंता वी.पी. लालपुरिया की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कॉरपोरेट सैलेरी पैकेज योजना के तहत बैंक और विद्युत वितरण निगम के बीच हुए समझौते से कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान बीमा सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता का लाभ मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच का कार्य करती हैं।
दिवंगत कर्मचारी के परिवार को मिली यह सहायता राशि न केवल आर्थिक राहत प्रदान करती है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के लिए स्थिरता भी देती है। स्थानीय स्तर पर इस पहल को बैंकिंग और सरकारी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।





