पिलानी: गांव बनगोठड़ी में 3 और 4 दिसंबर को शहीद कैप्टेन जगदेव सिंह पूनिया की याद में दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आगाज होने जा रहा है। भारत-पाक युद्ध 1971 के इस वीर अमर सपूत द्वारा किए गए अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह आयोजन ग्रामीण खेलों को राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है। वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स जैसे लोकप्रिय खेलों में देश के कई राज्यों से खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचेंगे।
दो दिवसीय खेल आयोजन का 54वां संस्करण 03 दिसंबर 2025 को सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। यह आयोजन शहीद के गांव बनगोठड़ी में हर वर्ष युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने और ग्रामीण खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों व शहीद परिवार के सहयोग से यह परंपरा 1972 से लगातार जारी है।
03 जुलाई 1945 को झुंझुनूं जिले के बनगोठड़ी खुर्द में जन्मे कैप्टेन जगदेव सिंह पूनिया बचपन से ही पढ़ाई और खेलों में अव्वल रहे। वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे पूनिया ने OTA से प्रशिक्षण के बाद 19 राजपुताना राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया।
भारतीय सेना की अल्फा कंपनी की अगुवाई करते हुए 4 दिसंबर 1971 के युद्ध में उन्होंने दुश्मन के कई ठिकाने ध्वस्त कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वे मोर्चे पर डटे रहे और वीरगति प्राप्त की। इस ऐतिहासिक हमले में दुश्मन के 4 टन गोला-बारूद व हथियार बरामद किए गए। उनका अदम्य साहस आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है।
कैप्टेन पूनिया के पिता हंसराम पूनिया ने अपने बेटे की शहादत को अमर रखने के लिए 1972 से इस खेल आयोजन की शुरुआत करवाई। गांव के राजकीय विद्यालय परिसर के सामने शहीद स्मारक और प्रतिमा स्थापित की गई, जहां हर वर्ष हजारों लोग श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
इन प्रतियोगिताओं से तैयार हुए कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेकर क्षेत्र व देश का गौरव बढ़ा चुके हैं। इसी प्रेरणा से क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति और खेल भावना लगातार बढ़ रही है।




