पिलानी: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पिलानी विधानसभा क्षेत्र में गहराते जल संकट, पानी की किल्लत, सूखे कुएं, और नलकूप समस्या का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए विधायक पितराम सिंह काला ने नियम 295 के तहत पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, नरहड़ सहित पूरे क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या को सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि किसान, मजदूर, व्यापारी और आमजन टैंकरों के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जिससे आने वाली गर्मियों में हालात और भयावह हो सकते हैं।
सूखे कुओं और ट्यूबवेलों ने बढ़ाई परेशानी
विधानसभा में विधायक पितराम सिंह काला ने कहा कि पिलानी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, नरहड़ और आसपास के गांवों में भूमिगत जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। वर्तमान में जो नए कुएं खोदे जा रहे हैं, वे भी सूखे निकल रहे हैं। नरहड़ क्षेत्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां 16 ट्यूबवेलों में से 13 पूरी तरह सूख चुके हैं, और यही हाल अधिकांश गांवों, कस्बों और ढाणियों में देखने को मिल रहा है।
PHED कार्यालयों पर धरने, पुरानी पाइपलाइन बनी समस्या
विधायक काला ने सदन को अवगत कराया कि पानी की गंभीर समस्या के चलते कई स्थानों पर PHED कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पानी की भूमिगत लाइनें बेहद पुरानी हो चुकी हैं, जिससे लीकेज और सप्लाई बाधित होती है। इसके चलते नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही और आमजन को मजबूरी में निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग सबसे अधिक प्रभावित
चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि पानी की कमी का सीधा असर किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग पर पड़ रहा है। खेती, पशुपालन और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बुजुर्गों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। आने वाली गर्मियों को देखते हुए स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई गई।
सूखे कुओं के बदले नए नलकूपों को जल्द मंजूरी देने की अपील
विधायक पितराम सिंह काला ने सरकार से मांग की कि जिन क्षेत्रों में कुएं और ट्यूबवेल सूख चुके हैं, वहां नए नलकूपों की स्वीकृति शीघ्र दी जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और जल आपूर्ति बहाल हो।
90 प्रतिशत अनुदान पर कुंड निर्माण की मांग
उन्होंने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक परिवार को 90 प्रतिशत सरकारी अनुदान देकर कुंड निर्माण की सुविधा दी जाए, जिससे वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और भविष्य में पानी की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। विधायक ने सरकार से इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया।





