Wednesday, February 11, 2026
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वार्ड पुनर्गठन पर उबाल: भेरूगढ़ गांव बोला– “एक वार्ड नहीं तो पंचायत चुनाव का बहिष्कार”

मंड्रेला: क्षेत्र की नवसृजित ग्राम पंचायत जखोड़ा में प्रस्तावित वार्ड पुनर्गठन को लेकर भेरूगढ़ गांव के ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, झुंझुनूं के नाम उपतहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित वार्ड 2 की संरचना को जनविरोधी और अव्यवहारिक बताया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो आगामी पंचायत चुनाव में वोट बहिष्कार किया जाएगा।

प्रस्तावित वार्ड 2 पर ग्रामीणों की आपत्ति

ग्रामीणों के अनुसार भेरूगढ़ गांव में कुल 448 मतदाता हैं, लेकिन वर्तमान प्रस्ताव में पूरे गांव को एक वार्ड में रखने के बजाय मनफरा गांव के वार्ड से जोड़ने की योजना बनाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि दो अलग-अलग राजस्व ग्रामों को एक ही वार्ड में शामिल करना न तो व्यवहारिक है और न ही जनभावनाओं के अनुरूप। इससे मतदाताओं के प्रतिनिधित्व, विकास कार्यों और पंचायत संचालन में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होंगी।

“एक गांव–एक वार्ड” की मांग पर अड़े ग्रामीण

ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग रखी है कि ग्राम पंचायत जखोड़ा के अंतर्गत भेरूगढ़ को एकल वार्ड का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि गांव की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और सीमित मतदाता संख्या को देखते हुए किसी अन्य गांव के साथ जोड़ना अन्यायपूर्ण है। ग्रामीणों का मानना है कि एक वार्ड में रहने से समान प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता और विकास की गति सुनिश्चित हो सकेगी।

चुनाव बहिष्कार की चेतावनी से बढ़ी प्रशासन की चिंता

भेरूगढ़ गांव के सभी ग्रामीणों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि वार्ड पुनर्गठन प्रस्ताव में संशोधन नहीं किया गया तो पंचायत चुनाव में मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक सहमति का परिणाम है, जिसका सीधा असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

ग्रामीणों की आवाज: जमीनी हकीकत को समझे प्रशासन

ग्रामीण विजेंद्र फौजी ने कहा कि उनका गांव छोटा है और मतदाता संख्या भी सीमित है, ऐसे में दूसरे गांव के साथ वार्ड जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे गांव में अनावश्यक विभाजन और असंतोष बढ़ेगा।
वहीं सज्जन कुमार ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि दो अलग-अलग राजस्व ग्रामों को एक वार्ड में जोड़ना पंचायत के कामकाज को जटिल बना देगा और स्थानीय समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न होगी।
ग्रामीण महिला मतदाताओं ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे चाहती हैं कि भेरूगढ़ गांव एकजुट रहे, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव न हो और सभी को समान अवसर मिल सके।

ज्ञापन में क्या कहा गया?

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि वार्ड पुनर्गठन प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और भेरूगढ़ गांव को एकल वार्ड के रूप में मान्यता दी जाए। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह मुद्दा व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक जनभावना से जुड़ा हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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