सिंघाना: 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े संविदा नर्सिंग कार्मिकों ने वर्षों से लंबित नियमित भर्ती की मांग को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। झुंझुनूं जिले की 108 एंबुलेंस टीम ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कम वेतन, भविष्य की अनिश्चितता और आयु सीमा जैसी गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। यह मामला न केवल संविदा नर्सेज बल्कि राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
शुक्रवार को 108 एंबुलेंस सेवा में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सिंघाना बीसीएमओ डॉक्टर दुलीचंद के माध्यम से चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर तक पहुंचाया गया। ज्ञापन का नेतृत्व अंकित निर्मल ने किया, जबकि इसमें अजय कुमार, योगेश कुमार, दिनेश कुमार और कीर्तन कुमार सहित अन्य संविदा नर्सिंग कार्मिक भी शामिल रहे। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में नियमित भर्ती की मांग को मजबूती से उठाया।
ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे 108 एंबुलेंस सेवा, 104 ममता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नगरीय स्वास्थ्य योजनाएं, जनता क्लिनिक, मोबाइल मेडिकल यूनिट, PPP मोड, प्लेसमेंट एजेंसी और एनजीओ के तहत हजारों नर्सिंग कार्मिक लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी 8 से 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं, लेकिन आज भी संविदा व्यवस्था में बेहद कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं।
संविदा नर्सिंग कार्मिकों ने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि लगातार संविदा पर कार्य करने के कारण कई कर्मचारी अब सरकारी भर्ती की अधिकतम आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। यदि समय रहते नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वर्षों की सेवा देने के बावजूद ये कर्मचारी स्थायी सरकारी नौकरी से वंचित रह जाएंगे। इससे नर्सिंग स्टाफ में भारी असंतोष और मानसिक तनाव की स्थिति बनती जा रही है।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि वर्ष 2013, 2018 और 2023 की तर्ज पर चिकित्सा नियम 1965 के अंतर्गत नर्सिंग ऑफिसर के 12,000 और एएनएम के 7,000 पदों पर शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर 10, 20 और 30 बोनस अंकों का प्रावधान किया जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा नर्सेज को नियमित होने का न्यायसंगत अवसर मिल सके।
संविदा नर्सिंग कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। कम वेतन, अस्थायी नौकरी और भविष्य की अनिश्चितता के चलते कर्मचारी मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा नियमित भर्ती और बोनस अंक नीति लागू किए जाने से नर्सिंग स्टाफ को बड़ी राहत मिल सकती है।
108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े संविदा नर्सिंग कार्मिकों ने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।





