चिड़ावा: कस्बे में जमीन कब्जाने की नीयत से की गई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी, जेसीबी और ट्रैक्टरों की गूंज, हथियारों का डर और चार मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर देना—यह मामला अब संगठित अपराध और भूमाफिया नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
चिड़ावा में जमीन कब्जाने का मामला, रात 2 बजे जेसीबी से मचाया गया तांडव
चिड़ावा थाना क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने की मंशा से घर में घुसकर की गई तोड़फोड़ और लूट की सनसनीखेज घटना में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अब तक कुल सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। घटना को अंजाम देने के लिए जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर, लोडर और कैम्पर वाहनों का इस्तेमाल किया गया था।
आधी रात को सैकड़ों लोगों ने बोला धावा, हथियारों से दी गई धमकी
परिवादी मूलचंद सैनी, जो निजामपुरा तन औजटू के निवासी हैं और वर्तमान में चिड़ावा में रह रहे हैं, ने रिपोर्ट में बताया कि 13 और 14 दिसंबर की दरम्यानी रात करीब 2 बजे वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। तभी तीन जेसीबी मशीनें, चार ट्रैक्टर और करीब 15–20 कैम्पर गाड़ियों में सवार सैकड़ों लोग उनके मकान पर पहुंचे। शोर सुनकर बाहर निकलने पर आरोपियों ने मकान खाली करने की धमकी दी और जान से मारने की बात कही।
जेसीबी से घर में घुसकर चार मकान पूरी तरह तोड़े
घटना के दौरान आरोपियों के पास देशी कट्टे, पिस्टल, कुल्हाड़ी, बरछी और लोहे की रॉड मौजूद थीं। आरोपियों ने जेसीबी चालकों को निर्देश दिए, जिसके बाद मकान की बाड़ तोड़कर जेसीबी को भीतर घुसाया गया। चार कमरे, लेट-बाथरूम और चारदीवारी को पूरी तरह जमीनदोज कर दिया गया। इसके बाद घर में रखा सारा सामान तोड़ दिया गया और पेटी से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद व महिला के गहने चोरी कर लिए गए।
34 बीघा जमीन को लेकर रची गई साजिश
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि चिड़ावा के शनि मंदिर के पुजारी कमला प्रसाद से वर्ष 1999 में 34 बीघा जमीन 99 साल की लीज पर ली गई थी। इस जमीन में से पांच बीघा पर परिवादी मकान बनाकर रह रहा था, जबकि शेष भूमि पर उसके परिजन काबिज थे। इसी जमीन पर अवैध कब्जा करने के इरादे से यह पूरी वारदात रची गई।
अब तक की गई पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। पहले चरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया। इसके बाद 16 दिसंबर को विनोद कुमावत और ओमप्रकाश बंजारा को गिरफ्तार कर जेसीबी, ट्रैक्टर, ट्रॉली, पिलर और तार जब्त किए गए। 18 दिसंबर को श्याम उर्फ सोमी और श्रवण बंजारा को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज करवाई जा चुकी है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज, हिस्ट्रीशीटर भी शामिल
अनुसंधान में सामने आया कि इस घटना में सिंघाना थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर जयवीर घरडाना भी शामिल था। इसके अलावा राजकुमार महला, मोहन लाल स्वामी, सुनील कुमार, प्यारेलाल जाट, कैलाश, ओमी, उगम, प्रकाश बंजारा सहित 15–20 अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस 10–12 कैम्पर वाहनों की भी पहचान कर रही है।
जब्त किए गए वाहन और सामान
पुलिस ने इस प्रकरण में एक ट्रैक्टर लोडर, एक जेसीबी मशीन, एक ट्रैक्टर ट्रॉली, 40 पिलर, तीन बंडल कंटीले तार और एक बंडल सादा तार जब्त किए हैं।





